मंगलवार को जिले में भारतीय किसान संघ ने बड़ा प्रदर्शन किया है। किसानों ने ग्राम रामेहपुर के एथेनॉल प्लांट के गेट पर ताला जड़ दिया। किसान संघ के डोमन चंद्रवंशी ने बताया कि एथेनॉल बनाने वाली कंपनी की सहायक कंपनी केफार्म टेक्नालॉजी प्रा. लिमिटेड द्वारा उपज नाम से बनाई गई पोटाश खाद में पोटाश की मात्रा 14.5% बताई गई है। उक्त खाद के नमूने की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के फर्टिलाइजर क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी से टेस्ट होने पर पोटाश की मात्रा पहले नमूने में 1% व दूसरे नमूने में 3.5% पाया गया है। लैब द्वारा उसे अमानक (फर्जी) घोषित किया गया है।
साथ ही कहा कि कंपनी ने वृहद पैमाने पर यह खाद जिले के किसानों को बेची है, जो कि किसानों के साथ धोखा है। इससे किसानों को आर्थिक हानि के साथ-साथ ही फसल नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के साथ इस तरह से फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी को तुरंत बंद कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कंपनी द्वारा किसानों को मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों को यह नकली (फर्जी) खाद बेची गई है, उन्हें रकम वापस दी जाए। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना को एथेनॉल कंपनी एनकेजे द्वारा 19 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है, जब तक उनके द्वारा उपरोक्त धन राशि की अदायगी नहीं की जाती है, तब तक एथेनॉल बनाने वाली कंपनी को कारखाना द्वारा कच्चा माल (मोलेसिस) नहीं दिया जाए।
पुलिस बल रहा तैनात, किसानों ने की नारेबाजी
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए यहां पर पुलिस बल तैनात किया गया था। किसान जब एथेनॉल कारखाना के गेट के पास पहुंचे तो जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने बोड़ला तहसीलदार को विभिन्न मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इन मांगों में कारखाना का घाटे में जाने का एक मुख्य कारण नागरिक आपूर्ति निगम (नान) द्वारा कारखाना से लिए गए शक्कर का बाजार भाव से कम दर पर भुगतान किया जाना है। ऐसे में नान को अगले माह से बाजार भाव चार हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से शक्कर दी जाए। किसानों को शक्कर कारखाना का शेयर प्रमाण पत्र जल्द वितरित किया जाए। अगले माह तक किसानों को अतिरिक्त शक्कर रिकवरी के लिए देय राशि का भुगतान किया जाए। कारखाना का मेंटनेंस का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए, जिससे कि अगला पेराई सत्र एक नवंबर से प्रारंभ हो सके।