कबीरधाम कलेक्ट्रेट कार्यालय में बीती रात रविवार को फर्जी डिप्टी कलेक्टर व स्टेनो बनकर तीन युवक घुस आए। ये कार्यालय के भीतर प्रवेश कर यहां पदस्थ कर्मचारियों से उनकी ड्यूटी पूछ रहे थे। इन लोगों की हरकत को देख कर्मचारियों को शक हुआ तो ये फर्जी निकले है। इस मामले में कवर्धा सिटी कोतवाली थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद तीनों युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने बताया कि रविवार रात 9:30 बजे कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड द्वारा सूचना दी गई कि तीन व्यक्ति अपने आप को डिप्टी कलेक्टर, स्टेनो बताकर परिसर में प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं।
संदिग्ध तरीके से पूछताछ कर रहे हैं। सूचना मिलते ही कवर्धा पुलिस की टीम ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया व थाना लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में इनकी पहचान सम्मी ठाकुर पिता कोमल सिंह ठाकुर निवासी भिलाई, जिला दुर्ग(फर्जी डिप्टी कलेक्टर), शुभलाल राजपूत पिता देवी सिंह राजपूत निवासी पटेवा थाना घुमका, जिला राजनांदगांव (ड्राइवर), दुर्गेश सिंह राजपूत पिता लाल सिंह राजपूत निवासी खैरबना कला, थाना कवर्धा (फर्जी स्टेनो) के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तीनों का किसी भी प्रकार से शासकीय सेवा या पद से कोई संबंध नहीं है। इन्होंने जिला कार्यालय में अपने आप को प्रशासनिक अधिकारी बताकर गुमराह किया।
अधिकारियों व कर्मचारियों को भ्रमित करने का प्रयास किया।आज सोमवार को इन तीनों आरोपी के खिलाफ धारा 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से अपील किया है कि यदि कोई व्यक्ति शासकीय पदाधिकारी होने का झूठा दावा करता है या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।