आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कवर्धा के रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव किया। नेताओं ने भुइयां सॉफ्टवेयर से प्राप्त अभिलेखों को मान्य किए जाने की मांग किया है। शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि उपपंजीयक, पटवारी, तहसीलदार द्वारा हस्ताक्षर राजस्व अभिलेख के बगैर विक्रय पत्र का पंजीकरण नही किया जा रहा है। साथ ही हस्ताक्षरित राजस्व अभिलेख प्राप्त करने के लिए आम लोगों को पटवारी, तहसीलदारों के लगातार चक्कर काटना पड़ रहा है। कुछ लोगों की शिकायत तो यह भी है कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार के सुशासन में संबंधित विभाग के अधिकारी बगैर रिश्वत लिए कोई काम ही नहीं कर रहे हैं।
जबकि 26 अप्रैल 2014 को राजस्व आपदा प्रबंधन के एक आदेश अनुसार एक अगस्त 2014 से प्रदेश के सभी क्षेत्र में पटवारी अभिलेख जैसे खसरा, किश्तबंदी, खतौनी, नक्शा आदि की प्रतिलिपि केवल व केवल कंप्यूटर के माध्यम से प्रदाय किया जाना है। इन अभिलेखों को हाथ से बिल्कुल भी तैयार नहीं किया जाएगा। मतलब स्पष्ट है कि भुइयां सॉफ्टवेयर द्वारा प्राप्त किया गया राजस्व अभिलेख खसरा पांचसाला व बी-1 मान्य है। यहीं कारण है कि भुइयां सॉफ्टवेयर से प्राप्त अभिलेखों को मान्य किए जाने की मांग किया गया है। वहीं, धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर कांग्रेस कार्यालय कवर्धा के सामने वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पुतला दहन किया। मंत्री व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे।