छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने संविलियन के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में आए शिक्षकों की पंचायत और नगरीय निकाय में की गई पूर्व सेवा की गणना कर पूर्ण पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग तेज करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सेवा की गणना शिक्षकों का अधिकार है और इसके लिए सड़क से न्यायालय तक संघर्ष किया जाएगा।
रविवार को दोपहर 3 बजे कवर्धा के रानी झांसी बालोद्यान में जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
पुरानी पेंशन के लिए आर-पार की लड़ाई
एसोसिएशन ने मांग की कि संविलियन से पहले पंचायत और नगरीय निकायों में कार्यरत रहे शिक्षकों की पूर्व सेवा को पेंशन के लिए गणना में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें पूर्ण पुरानी पेंशन का लाभ मिल सके। संगठन का कहना है कि शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग
बैठक में वर्ष 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट देने की मांग उठाई गई। वहीं, इसके बाद नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
निजी मोबाइल से ऑनलाइन हाजिरी पर जताई आपत्ति
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था से आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कराना उचित नहीं है। संगठन ने शासन-प्रशासन से मांग की कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए शिक्षकों को आवश्यक डिवाइस उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) में ऑनलाइन अनुपस्थिति के आधार पर शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई को भी अनुचित बताया गया।
स्थानीय अवकाश में बदलाव की मांग
बैठक में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश में कटौती पर भी आपत्ति जताई गई। एसोसिएशन के अनुसार, स्कूलों में 17 से 21 अक्टूबर तक दशहरा अवकाश घोषित है। ऐसे में 19 अक्टूबर को निर्धारित स्थानीय अवकाश में संशोधन कर 29 अक्टूबर को करवाचौथ या 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की जाएगी।
पदांकन संशोधन पर भी चर्चा
बैठक में पदांकन संशोधन के मुद्दे पर भी संगठन ने अपना रुख स्पष्ट किया। जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने अब तक की संघीय गतिविधियों की जानकारी दी। इसके बाद पदाधिकारियों और सदस्यों से सुझाव लेकर विभिन्न प्रस्तावों पर सर्वसम्मति बनाई गई। एसोसिएशन ने कहा कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं के निराकरण और उनके सेवा संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन आगे भी लगातार प्रयास करता रहेगा।