450 अधिकारी-कर्मचारियों ने कबीरधाम सीएमएचओ डॉ. डीके तुरे को सामूहिक इस्तीफा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी व प्रांतीय टीम के साथ जिला अध्यक्ष को भी बर्खास्त की कार्रवाई से कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है।
छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारी और कर्मचारी बीते माह 18 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पहले 13 अगस्त को हुई बैठक में 10 में से 5 मांगों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन हड़ताल जारी रहने पर सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिसके बाद इन कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया। यहीं कारण है कि आज गुरुवार को कबीरधाम जिले के कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा दिया। जांजगीर-चांपा में भी 340 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है।
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इस्तीफा देने के लिए सीएमएचओ दफ्तर पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी मांग को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हड़ताली कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी व नोटिस भी जारी किया है। 381 कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा भेजी गए नोटिस के आगे नही झुके। करीब 450 अधिकारी-कर्मचारियों ने कबीरधाम सीएमएचओ डॉ. डीके तुरे को सामूहिक इस्तीफा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी व प्रांतीय टीम के साथ जिला अध्यक्ष को भी बर्खास्त की कार्रवाई से कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन जारी रहने की बात की गई है।
जांजगीर-चांपा में 340 एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
जांजगीर-चांपा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। जिले के 340 एनएचएम कर्मचारियों ने गुरुवार को सामूहिक इस्तीफा देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलनकारियों ने राज्य शासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार की गारंटी को झूठा करार दिया और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।