आरोपी चोरी की बाइक का फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिक्री करते थे।
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जांजगीर पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी चोरी की बाइक का फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिक्री करते थे। पुलिस ने गिरोह से 36 बाइक जिसकी कीमत 17 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों से कम्प्यूटर, प्रिंटर, लैपटाप एवं मोबाइल भी जब्त किया गया है।
जांजगीर चाम्पा जिले मे लगातार हो रही बाइक चोरी के मामले से पुलिस की नींद उड़ गई थी। जिसका पर्दाफाश करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने 25 पुलिस जवानों को तैनात किया। टीम ने रेलवे स्टेशन और पेट्रोल पम्पों के आसपास जांच शुरू की और नैला रेलवे स्टेशन के बाइक स्टैंड मे एक बाइक चोरी की मिली। जिसको ले जाने वाले पर नजर रखी। पुलिस ने बाइक लेने आए युवक को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जिसके बाद आरोपी ने चोरी की बाइक के साथ अपने गिरोह की जानकारी पुलिस को दी।
जांजगीर पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर पेंड्रा पहुंचकर बाइक चोर गिरोह के मुख्य सरगना को हिरासत मे लिया और सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके बताए स्थान से 36 बाइक बरामद की। पुलिस ने आरोपियों से कम्प्यूटर, लेपटॉप, स्केनर सहित आर सी बुक और सील के साथ चिप युक्त फर्जी आर सी कार्ड बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के चार सदस्य नई हौंडा बाइक को जांजगीर चाम्पा कोरबा, रायगढ़, बलौदा बाजार और बिलासपुर से चोरी करते थे और उसका फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने पांच एजेंट के माध्यम से पेंड्रा गौरैला क्षेत्र के ग्रामीणों को महंगे दाम में बेचते थे। बाइक चोर गिरोह का मुख्य सरगना दिनेश कुमार चक्रधारी है। जो बीए और डीसीए कम्प्यूटर का कोर्स किया था। यही फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि चोरी कि बाइक बेचकर अधिक पैसा मिलता था जिसकी लालच मे चोरी किया करते थे। बाइक चोरी के मामले मे जांजगीर पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है वहीं एक आरोपी अभी भी फरार है। जिससे अभी भी कई बाइक बरामद होने कि संभावना है। पुलिस अधीक्षक ने बाइक चोर गिरोह को पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को पांच हजार रूपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।