गांव के लोगों का कहना है कि सभी को पता है कि पंचराम धीवर सीधा व्यक्ति है ना शराब पीता है और ना ही शराब बेचता है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी और पुलिस कर्मियों के द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए करीब व्यक्ति को फर्जी शराब केस में फंसाया गया है।
जांजगीर चांपा जिले के ग्राम बनारी के ग्रामीण पंचराम धीवर को शराब बिक्री के झूठे मामले में जेल भेजने और 50 हजार रुपये की पुलिस वालों के द्वारा मांग करने का आरोप लगाते हुए, धीवर समाज के लोगों व परिजनों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। एसपी विवेक शुक्ला को प्रार्थना पत्र देकर जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
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मामला सिटी कोतवाली थाना का है। सिटी कोतवाली पुलिस ने 26 दिसंबर को पंचराम धीवर के पास से 17 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की थी। इसके बाद आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस वाले पंचराम धीवर की तलाश करते हुए घर पहुंचे हुए थे। जब घर के अन्य सदस्यों ने बताया कि अभी घर पर नहीं है वह मजदूरी करने गया हुआ है। तब कहा कि आने पर उसे थाने भेजने की बात कहते हुए वह चले गए। जब पंचराम धीवर घर पहुंचा तो थाने में बुलाए जाने की जानकारी उसे घर के सदस्यों ने दी। जिस पर पंचराम धीवर थाना पहुंचा। तब चोरी के सामान को कबाड़ में बेचते हो कहकर 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। आरोप है कि पंचराम ने जब पैसे देने में जब असमर्थता जताई तो थाने में मारपीट कर पुलिस गाड़ी में बैठाकर साबरिया डेरा कांजी नाला के पास उसे जे जाया गया और सिपाहियों ने दो शराब के जरीकेन मांगा कर फर्जी जब्ती बताकर शराब के झूठे केस में फंसा कर जेल भेज दिया है।
गांव के लोगों का कहना है कि सभी को पता है कि पंचराम धीवर सीधा व्यक्ति है ना शराब पीता है और ना ही शराब बेचता है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी और पुलिस कर्मियों के द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए करीब व्यक्ति को फर्जी शराब केस में फंसाया गया है। मामले की उचित जांच कर कार्यवाही की मांग की गई और एसपी विवेक शुक्ला को आवेदन दिया गया है। इस मामले में एसपी विवेक शुक्ला ने जानकारी लेने चाही लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।