शिकायत के अनुसार, भुगतान के बाद भू-अर्जन शाखा के अमीन पटवारी बिहारी सिंह और आपरेटर राजकुमार देवांगन ने किसान से कहा कि उन्होंने राशि निकलवाने में मदद की है, इसलिए उन्हें 1 लाख 80 हजार रुपये देना होगा। रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों को रंगेहाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।
शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद एसीबी ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 30 अक्तूबर को प्रार्थी बुधराम को रिश्वत की रकम 1.80 लाख रुपये के साथ भेजा गया। जैसे ही अमीन पटवारी बिहारी सिंह ने रकम अपने हाथों में ली, उसी समय डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह के नेतृत्व में तैनात टीम ने मौके पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी बिहारी सिंह से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। अचानक हुई इस कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।