जांजगीर चांपा जिले में हनी ट्रैप के जरिए युवक किशन साहू का अपहरण कर 17 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में मुख्य आरोपी दीपक रात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पांच महीने से फरार था। उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पीड़ित के पिता बुधराम साहू ने घटना के अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दरअसल, किशन साहू के पिता बुधराम साहू ने 13 जून को सिटी कोतवाली जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर साइबर सेल और सिटी कोतवाली पुलिस ने 6 घंटे के भीतर किशन साहू को पहरिया गांव के एक खेत में बने मकान से बरामद कर लिया। मौके से आरोपी युवती आयशा बेगम और आरोपी युवक अभय कुमार सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
वहीं घटना का मास्टरमाइंड 21 वर्षीय दीपक रात्रे घटना के दिन से फरार था। पांच महीने की लगातार तलाश के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी उसके घर दर्राभाठा से बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि किशन की युवती से दोस्ती सिर्फ तीन दिन पुरानी थी। पहले फेसबुक पर बात शुरू हुई और फिर व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी। युवती ने किशन को अपने झांसे में ले लिया था।
12 जून की शाम को किशन बसंतपुर से घूमने निकला था। रात आठ बजे किशन के मोबाइल से उसके पिता बुधराम साहू के फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि किशन एक लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। आरोपियों ने वीडियो वायरल न करने और किशन को छोड़ने के लिए रुपये की मांग की थी।