कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। बिलासपुर में होने वाला यह प्रदर्शन कांग्रेस के इस संघर्ष का प्रतीक बनेगा। बैठक में तय किया गया कि पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
कांग्रेस का ‘आरक्षण बचाओ आंदोलन’ अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। बिलासपुर में होने वाले प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता शामिल होंगे। आंदोलन से पहले आज जांजगीर में कांग्रेस ने एक अहम बैठक कर रणनीति तय की।
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जांजगीर में आयोजित इस विस्तारित बैठक में बिलासपुर संभाग प्रभारी और पूर्व मंत्री उमेश पटेल की मौजूदगी रही। साथ ही जिले के चारों विधायक और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। बैठक में 'संविधान बचाओ अभियान' के तहत बिलासपुर में होने वाले प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। बिलासपुर में होने वाला यह प्रदर्शन कांग्रेस के इस संघर्ष का प्रतीक बनेगा। बैठक में तय किया गया कि पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। बिलासपुर में होने वाला यह प्रदर्शन कांग्रेस के इस संघर्ष का प्रतीक बनेगा। बैठक में तय किया गया कि पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।