जांजगीर-चांपा जिले में प्रशासन द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर होने वाले बाल विवाहों को रोका गया। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया। पहला मामला तहसील नवागढ़ के ग्राम खैरा का है, जहाँ एक 17 वर्षीय बालिका का विवाह अप्रैल 2025 में तय था। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुँचकर दस्तावेजों की जाँच की और परिजनों को समझाइश देकर विवाह को रोका।
दूसरा मामला तहसील बलौदा के ग्राम पिपरदा का है, जहाँ 19 वर्षीय लड़के का विवाह 28 फरवरी 2025 को तय था। विभागीय टीम और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उसकी उम्र की पुष्टि की और माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। परिजनों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर विवाह रोकने का निर्णय लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह गैरकानूनी है। जिला प्रशासन लगातार इस दिशा में सक्रिय है और जनजागरूकता के माध्यम से समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ खड़ा कर रहा है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से दो नाबालिगों का भविष्य सुरक्षित हुआ। अगर आपको कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।