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2 साल की मासूम से दुष्कर्म: सौतेले पिता ने दिया था अंजाम, न्यायलय ने आरोपी को सुनाई उम्र कैद की सजा

Tue, 24 Jun 2025 08:12 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जांजगीर चांपा

सार

जांजगीर चांपा जिले में 19 अक्टूबर 2024 को 2 साल की मासूम बच्ची के साथ उसके सौतेले पिता ने दुष्कर्म कर ठेले के पास में फेका था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जांजगीर चांपा जिले में 19 अक्टूबर 2024 को 2 साल की मासूम बच्ची के साथ उसके सौतेले पिता ने दुष्कर्म कर ठेले के पास में फेका था। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) अनिल कुमार बारा ने दोषी ठहराया है आरोपी उम्रकैद की सजा और 500 रुपए के दंड से दंडित किया है। वही आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेस है 500 रुपए का अर्थदंड दिया गया हैं।

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विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) चंद्रप्रताप सिंह ने बताया कि सिटी कोतवाली थाने में मासूम बच्ची के पीड़िता के मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई की,,वह जजकी के लिए अपने पति के घर बच्ची (पीड़िता) के साथ उसके घर आयी थी। 19 अक्टूबर 2024 को शाम के समय 2 साल की मासूम बच्ची नहीं दिखी इस बीच छोटी बेटी ने बताया कि दादी की बेटी प्राईमरी स्कूल के सामने ठेले के पास पड़ी हैं। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में लेजाकर भर्ती कराया गया था। जब पीड़िता बच्ची की मां ने पूछा तो पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसे निर्वस्त्र छोड़कर भाग गया था। जिसे पीड़िता के गुप्तांग से खून बह रहा था। 

सिटी कोतवाली थाने में अपराध दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की गई इस दौरान पता चला था कि आखिरी बार उसके सौतेले पिता आशिक देवार के पास देखा गया था। जिसपर पुलिस हिरासत में लेकर थाना लाया गया और उक्त सबूत के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिए गए। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र  न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। 
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जिसपर अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो अनिल कुमार बारा ने संपूर्ण अभियोजन साक्षियों का कथानक लिए जाने के पश्चात अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों के विश्लेषण कर आरोपी सौतेले पिता को अल्पायु की बालिका के साथ अपराध कारित करने हेतु दोषसिद्ध ठहराया गया है जिसपर BNS की धारा 65(च) के लिए आजीवन कारावास और 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा65(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत आजीवन कारावास,जिसमें आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेस है और 500- 500 रुपए का अर्थदंड से दंडित किया गया है। वही अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर प्रत्येक व्यक्तिक्रम के लिए 1 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतने जाने का आदेश दिया गया है।

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