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'हम बातचीत के लिए तैयार': नक्सलियों ने सरकार से की संघर्ष विराम की मांग, शाह के दौरे से पहले जारी किया पत्र

Wed, 02 Apr 2025 04:42 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों को लग रहे तगड़े झटकों के बीच वे शांति वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की बैठक के बाद नक्सलियों के प्रवक्ता ने एक पर्चा जारी कर सरकारों से शांति वार्ता की पहल की है।
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नक्सली मुठभेड़ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई के बाद अब नक्सलियों ने संघर्ष विराम की मांग की है। पत्र जारी कर कहा गया है कि सरकार अगर ऑपरेशन बंद करने का ऐलान करती है तो नक्सली बात करने को तैयार हैं। दरअसल बीते कुछ महीनों से सुरक्षाबलों की टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं जिसमें कई बड़े खूंखार नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सल प्रभावित बस्तर के दौरे से पहले नक्सलियों ने तत्काल युद्ध विराम और सशर्त शांति वार्ता की मांग की है। नक्सलियों के प्रवक्ता अभय की ओर से जारी बयान में केंद्र सरकार से एंटी नक्सल ऑपरेशन को रोकने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षाबलों की वापसी और माओवादी विरोधी अभियानों को रोकने की मांग की गई है।

 

छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों को लग रहे तगड़े झटकों के बीच वे शांति वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की बैठक के बाद नक्सलियों के प्रवक्ता ने एक पर्चा जारी कर सरकारों से शांति वार्ता की पहल की है। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने कहा कि 15 महीने में हमारे 400 साथियों को मारा गया है। केंद्र और राज्य सरकारें ऑपरेशन रोकें तो हम बात करेंगे। 

ये भी पढ़ें: CG Naxalite Encounter: सुकमा में नक्सल मोर्चे पर मिली बड़ी सफलता, जानें अब तक कब-कब हुआ नक्सलियों का खात्मा

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जानें क्या है लिखा है नक्सली प्रवक्ता अभय ने
नक्सलियों के प्रवक्ता अभय ने हिंदी और तेलगू दोनों भाषा में प्रेस रिलीज जारी केंद्र और राज्य सरकार से नक्सल विरोधी अभियान को रोकने के लिए अनुरोध किया है। इसके साथ ही सुरक्षा बल के जवानों को कैंप में ही रहने और नये कैंप नहीं खोलने की बात कही है। उसने प्रेस विज्ञप्ति में आगे लिखा है कि 24 मार्च को नक्सलियों के संगठन की हैदराबाद में एक बैठक हुई थी। इसमें यह तय हुआ था कि वो बिना किसी शर्त के बातचीत और शांति वार्ता करने के  युद्ध विराम की घोषणा कर देंगे। आगे लिखा है कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी नक्सलियों से आग्रह किया था कि वो हथियार छोड़ मुख्यधारा में शामिल हो जाए। हथियार छोड़ दें। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो जवान नक्सलियों से सख्ती से निपटेंगे और और उनका खात्मा कर देंगे।






हम शांति वार्ता के लिए तैयार हैं पर...
उसने लिखा है कि हमारे दंडरकारण्य जोनल के स्पेशल कमेटी के सदस्य और माओवादी संगठन के प्रतिनिधि विकल्प ने यह शर्त रखी थी कि हम शांति वार्ता के लिए तैयार हैं पर जवानों को कैंप में ही रखा जाए। नक्सल विरोधी अभियान बंद किया जाए। नए सुरक्षा कैंप न खोले जाए। इसके बाद वो शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन बिना वार्ता किये ही 15 महीने में हमारे 400 से ज्यादा जवानों को मार दिया गया। इसमें नक्सलियों के शीर्ष नेता पीएलजीए कमांडर समेत कई खूंखार इनामी नक्सली कमांडर्स को मौत की नींद सुला दी गई। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में नक्सली नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। अब हम जनता के हित में शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। नक्सलियों ने प्रस्ताव रखा है कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र के (गढ़चिरौली) ओडिशा, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में नक्सल आपरेशन बंद करें और नये सुरक्षा बल कैंपों की स्थापना ना करें। अगर इन बिंदुओं पर केंद्र और राज्य सरकार सकारात्मक जवाब देती है वो बातचीत कर युद्ध विराम की घोषणा कर देंगे। 



नक्सल मामले पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पांच अप्रैल को 
रायपुर में लेंगे बैठक

दूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार अप्रैल की शाम या रात तक रायपुर पहुंचेंगे। रायपुर में ही रात में ठहरेंगे। इसके बाद दूसरे दिन पांच अप्रैल को बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा जाएंगे। वहां पर मां दंतेश्वरी का दर्शन करेंगे। इसके बाद 'बस्तर पंडुम' के समापन में शिरकत करेंगे। उसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री फोर्स के कमांडर्स के साथ बैठक लेंगे। फिर वापस रायपुर में आकर प्रशासनिक बैठक लेंगे। इसमें फोर्सेस प्रमुख और इंटेलिजेंस भी शामिल होंगे। नक्सलियों से अंतिम निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिये ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक लेने के बाद शाह दिल्ली रवाना हो जाएंगे। 

साल 2025 में हुई नक्सली मुठभेड़- 
  1. 5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।
  2. 12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे। 
  3. 16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था। 
  4. 21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।
  5. 2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था। 
  6. 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।
  7. 20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।
  8. 25 मार्च 2025 को दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा पर हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। इसमें इनामी नक्सली सुधाकर भी मारा गया था।  
  9. 29 मार्च 2025 को दंतेवाड़ा के केरलापाल इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 17 नक्सली मारे गए। इनमें 40 साल वर्षीय 25 लाख रुपये का एसजेडसी मेंबर इनामी नक्सली जगदीश उर्फ बुधरा भी मारा गया। वह झीरम हत्याकांड में भी शामिल था। वह नक्सलियों के दरभा डिवीज़न कमेटी का इंचार्ज था।  


साल 2024 के नक्सली मुठभेड़-

16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार  303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं।

27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर
27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था।

2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर
दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग - 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक - हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे। 




6 अप्रैल 2024 को मारे गये 3 नक्सली 
फोर्स और नक्सलियों के साथ 6 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे। 
देश में पहली बार 16 अप्रैल 2024 को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद
16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था। 
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30 अप्रैल 2024 को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर
30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी।

10 मई 2024 को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा,सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ,डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये।
23 और 24 मई 2024 को 8 नक्सली ढेर हुए थे। 
  • छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। पुलिस ने घटनास्थल से नक्सलियों के शव के साथ बड़े पैमाने पर हथियार, दवाई और दैनिक सामग्री जब्त की। इसके बाद 24 मई को  नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच फिर मुठभेड़ हुई थी। अबूझमाड़ के इलाके में नक्सलियों ने फोर्स पर उस वक्त हमला बोला, जब पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों के शव लेकर वापस लौट रही थी। इस दौरान एनकाउंटर में एक और नक्सली मारा गया। इस तरह कुल 8 नक्सली मारे गये।  
  • 25 मई 2024 को सुकमा और बीजापुर जिले में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर
  • 8 जून 2024 अबूझमाड़ के आमदई एरिया में 6 नक्सली मारे गये
  • 10 मई 2024 बीजापुर में पुलिस फोर्स ने एनकाउंटर में 12 नक्सलियों को मौत की नींद सुलाई
  • 15 जून को नारायणपुर जिले के ओरछा थाना के फरसबेड़ा-धुरबेड़ा के बीच सुरक्षाबलों की नक्सलियों के मुठभेड़ में 8 नक्सलियों ढेर
  • 3 सितंबर 2024 दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों से मुठभेड़, नौ माओवादी ढेर, गोलीबारी जारी
  • 5 सितंबर 2024 छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 6 नक्सली ढेर, जिसमें दो महिला नक्सली भी शामिल थीं। यह मुठभेड़ भद्रादि-कोत्तागुड़ेम जिले के गुंडाला-करकागुड़ेम और मुलुगू के बीच हुई थी। 
  • 4 अक्टूबर 2024 को दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में 35 नक्सली मारे गये थे। ये साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी। 4 अक्टूबर 2024 को शुरुआती मुठभेड़ में 31 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली थी। बाद में 13 अक्टूबर  2024 नक्सलियों ने खुद प्रेस नोट जारी कर कहा था कि 31 नहीं 35 नक्सली मारे गये थे। 
  • 13 अक्टूबर  2024 बीजापुर जिले के थुलथुली में 35 नक्सली ढेर, देश में अब तक का सबसे बड़ा पुलिस-नक्सली मुठभेड़
  • 22 नवंबर 2024 को सुकमा जिले के थाना भेज्जी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर



देश में पहली बार अब तक सबसे बड़ा पुलिस-नक्सली मुठभेड़, मारे गये थे 35 नक्सली- 

  • 4 अक्टूबर 2024 को दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में 35 नक्सली मारे गये थे। ये साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी। 4 अक्टूबर 2024 को शुरुआती मुठभेड़ में 31 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली थी। बाद में 13 अक्टूबर  2024 नक्सलियों ने खुद प्रेस नोट जारी कर कहा था कि 31 नहीं 35 नक्सली मारे गये थे। 
  • 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे।
  • 20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह कुल 30 नक्सली मारे गये थे। 

 

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