बच्चे को गोद में लिए उसकी मां।
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जापानी बुखार ने दस्तक दी है। एक ही परिवार के तीन बच्चे इससे पीड़ित मिले हैं। इन बच्चों का उपचार पहले मलेरिया को लेकर किया जा रहा था। तबीयत ठीक नहीं होने पर जब जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया तो इसका पता चला। इसमें डेढ़ साल के बच्चे की स्थिति सबसे बुरी थी। उसका वजन आठ किलो था, जबकि शरीर में खून महज दो ग्राम ही रह गया था। फिलहाल तीनों बच्चों की हालत अब ठीक है। डॉक्टरों ने उन्हें रविवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है।
जिले के भैरमगढ़ के सबसे अंदरुनी क्षेत्र पिनकोड़ा में रहने वाले मन्नू के ढेड़ साल के बेटे राहुल का अचानक से स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे आठ जून की दोपहर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान बच्चे को झटके आने के साथ ही मलेरिया, खून की कमी और सांस लेने मे दिक्कत का पता चला। बच्चे की हालत देख उसे दोपहर में ही जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। शाम को जब बच्चे को एंबुलेंस से लेकर पहुंचे तो उसकी हालत काफी खराब हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने बच्चे को तत्काल ही वेंटिलेटर पर रखा और अन्य जांच की गई तो उसमें जापानी बुखार की पुष्टि हुई। वहीं पिता के साथ आए छह साल व तीन साल के अन्य दोनों बच्चों की भी जांच की गई। उनमें भी मलेरिया के साथ जापानी बुखार मिला। डॉक्टरों ने डेढ़ साल के बच्चे को करीब 48 घंटों तक वेंटिलेटर पर रखा और दवाइयां दी। फिर 10 जून को वेंटिलेटर से हटा लिया गया। 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद तीनों बच्चों की स्थिति ठीक थी। इस पर उन्हें 25 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।