सुकमा जिले के कोंटा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में हजारों संग्रहको को बोनस नही मिलने की शिकायत के बाद जांच बैठाया गया, जहाँ जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई, इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
सुकमा जिले के कोंटा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में हजारों संग्रहको को बोनस नही मिलने की शिकायत के बाद जांच बैठाया गया, जहाँ जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई, इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही इस मामले से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है, इस मामले को लेकर जल्द ही एफआईआर भी दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
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बता दें कि 9 जनवरी 2025 को सुकमा जिले के कोंटा वन मंडल में वर्ष 2021 व 22 में वहां के हजारों संग्रहको को तेंदूपत्ता बोनस वितरण नही होने की जानकारी मिली, जिसके बाद 5 सदस्यों की टीम गठित किया गया था, जांच के दौरान बाद में 3 अन्य सदस्यों को भी जांच दल में जोड़ा गया, जहाँ प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2021 में 15 प्राथमिक समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता बोनस वितरण में करीब 21 हजार 225 संग्रहको को 3 करोड़ 16 लाख 12 हजार 11 रुपये का वितरण नही हुआ, इसके अलावा वर्ष 2022 में 10 प्राथमिक समितियों के 13 हजार 1 सौ 97 संग्रहको को 2 करोड़ 58 लाख 69 हजार 975 रुपये का भुगतान नही हुआ, जिसकी सूचना मिलने के बाद 17 जनवरी दे जांच शुरू हुई और सुकमा वन मंडल अधिकारी अशोक पटेल की भूमिका संधिग्ध होने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वही अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है, जहाँ इस हेराफेरी में और भी लोगों की भूमिका नजर आ रही है।
इस मामले में सीसीएफ आरसी दुग्गा ने बताया कि यह एक गंभीर मामला है, इसकी जांच की जा रही है, इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किया जाएगा, साथ ही नियमत कार्यवाही भी किया जाएगा।