छत्तीसगढ़ में हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले और मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों का बस्तर नृत्य कला और साहित्य अकादमी में स्वागत किया जा रहा है। इनमें से कई को छत्तीसगढ़ पुलिस में भी भर्ती किया गया है।
छत्तीसगढ़ में हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले और मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों का बस्तर नृत्य कला और साहित्य अकादमी में स्वागत किया जा रहा है। इनमें से कई को छत्तीसगढ़ पुलिस में भी भर्ती किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम उनसे मुलाकात करेंगे।
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आत्मसमर्पण कर चुकी नक्सली संध्या ने बताया कि हमें बताया गया था कि हम गरीबों की सेवा करेंगे, इसीलिए हम शामिल हुए। हमारे शामिल होने के बाद, वास्तविकता बहुत अलग थी। जैसा सोचकर भर्ती हुए थे वैसा बिल्कुल नहीं था। संध्या ने आगे बताया कि मैं 2001 में शामिल हुई थी और 2014 में आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली सुकांति कहती हैं कि मैं 2003 में शामिल हुई और 2018 में आत्मसमर्पण कर दिया। मुझे बताया गया था कि हम अपनी मर्जी की जिंदगी जिएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। इसीलिए मैंने 2018 में छोड़ दिया। मैं अब खुशी से अपनी जिंदगी बिता रही हूं।
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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली शंकर मडका (5 लाख रुपये का इनामी मिलिशिया कंपनी कमांडर) ने बताया कि मैं 2007 में शामिल हुआ था और 2023 में छोड़ दिया। 2019-2023 तक मैं मिलिशिया कंपनी इंचार्ज था। मैंने 12 नक्सलियों की अपनी टीम के साथ मिलकर दो एसटीएफ कर्मियों की हत्या की थी।