पश्चिम बस्तर डिवीजन के नक्सलियों ने हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले पार्टी सदस्य कमलू पुनेम के खिलाफ एक पर्चा जारी कर सनसनी मचा दी है। इस पर्चे में कमलू पुनेम को 'डरपोक' करार देते हुए उस पर 2 लाख रुपये लेकर पार्टी छोड़कर भागने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
कमलू पुनेम पर नक्सलियों के आरोप
पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी, भाकपा माओवादी ने जारी किए गए पर्चे में कहा है कि कमलू पुनेम, जो कि 25 से 30 वर्षों तक नक्सली संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था, हाल ही में 26 अक्टूबर को पार्टी छोड़कर भाग गया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सलियों के अनुसार, कमलू को उसके लंबे सेवाकाल को देखते हुए पहले एसी (एरिया कमेटी) और फिर डीवीसी (डिवीजनल कमेटी) के लिए चुना गया था। बाद में उसे भैरमगढ़ एरिया का एसी इंचार्ज भी बनाया गया था।
पर्चे में आरोप लगाया गया है कि कमलू ने पार्टी के साथ गद्दारी की और अपने साथियों को छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। नक्सलियों ने यह भी दावा किया है कि कमलू 2 लाख रुपये लेकर भागा था और उसके बाद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
नक्सली संगठन में बढ़ती बौखलाहट
हाल के दिनों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। इस संदर्भ में, नक्सलियों का यह पर्चा उनकी आंतरिक बौखलाहट को दर्शाता है। आत्मसमर्पित सदस्यों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाकर वे अन्य सदस्यों के बीच भय का माहौल बनाने और भविष्य में होने वाले आत्मसमर्पण को रोकने का प्रयास कर सकते हैं। नक्सलियों ने अपने पर्चे में सोनू और सतीश नामक दो अन्य व्यक्तियों को भी 'गद्दार' बताया है।
हौसले बुलंद होने का दावा
इन आत्मसमर्पणों के बावजूद, नक्सलियों ने अपने पर्चे में दावा किया है कि उनके हौसले कम नहीं होंगे और उनका आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि और तेज होगा। यह बयान उन पर बढ़ते दबाव और खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश को दर्शाता है।