दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी और सुलभ शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सुकमा जिले की शिक्षिका ममता सिंह को राज्यपाल ने सम्मानित किया। रायपुर स्थित लोक भवन सिविल लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ब्रेल और ऑडियो आधारित शैक्षणिक सामग्री के विस्तार को लेकर यह सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई दो ब्रेल पुस्तकों का विमोचन किया गया, वहीं 3200 से अधिक ऑडियो बुक्स को एक साथ लोकार्पित किया गया। इस अवसर पर ममता सिंह को हल्बी बोली में बस्तर अंचल की संस्कृति, पर्यटन स्थलों, छत्तीसगढ़ी कहानियों तथा दिव्यांग खिलाड़ियों की आत्मकथाओं पर आधारित 100 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने के लिए स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
इन ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री भी शामिल है। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाएं, सामान्य ज्ञान तथा हल्बी, छत्तीसगढ़ी, हिंदी और पंजाबी भाषाओं में अलग-अलग प्लेलिस्ट तैयार की गई हैं। यह संपूर्ण सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर 65 प्लेलिस्ट के माध्यम से उपलब्ध है।
माध्यमिक शाला कुम्हाररस में पदस्थ सहायक शिक्षिका ममता सिंह ने बताया कि उन्होंने इस अभियान की शुरुआत अक्टूबर 2024 में की थी। प्रारंभ में उन्होंने स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं, जिसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों के शिक्षकों के सहयोग से यह संख्या 3200 के पार पहुंच गई। इस पहल में कुल 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। ब्रेल पुस्तकों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों को निःशुल्क प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में इस प्रयास को शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल बताया गया, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की दिशा में पहल किए जाने की बात कही गई।