आंध्र प्रदेश से आए पुरोहितों ने भगवान बालाजी, माता पद्मावती एवं माता अंडाल की उत्सव प्रतिमाओं की आरती कर पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कुंड में अग्नि प्रज्जवलित किया। इसके बाद सभी दंपत्तयिों ने मंत्रोच्चार के बीच आहुति दी। इस दौरान पुरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों से गुंजायमान रहा। महा पवित्रोत्सव के मुख्य अर्चक अंपोलू अन्नत श्रीनिवास ने उपस्थित भक्तों को बताया कि सुदर्शन, भगवान विष्णु के दिव्य हथियारों में से एक है। भगवान विष्णु को ब्रह्मांड के संरक्षक और पालनकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। उन्हें अपने एक हाथ में सुदर्शन चक्र पकड़े हुए देखा जाता है। यह दिव्य हथियार सुदर्शन शक्ति का प्रतीक है।
इसी लिहाज से सफलता के मार्ग में आने वाली बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए सुदर्शन यज्ञ किया जाता है। सुदर्शन होम का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यह समृद्धि प्राप्ति और स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। यह हानिकारक और जहरीली ऊर्जाओं से शुद्धिकरण में भी मदद करता है। सुदर्शन यज्ञ अनुष्ठान से शत्रुओं पर विजय मिलती है और अदृश्य कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसी तरह संध्या काल में चंद्रयान की सफलता के लिए भगवान बालाजी की विशेष प्रार्थना की गई। शहर के बालाजी मंदिर में मंदिर कमेटी और आंध्र समाज के सदस्यों द्वारा विद्वान पंडितों के सानिध्य में हवन-पूजन किया गया।
हाथ में तिरंगा लेकर भक्तगण जयघोष करते रहे और पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण किया गया। इस दौरान गोविन्दा-गोविन्दा, भारत माता की जय के नारे लगते रहे। भक्तों की उपस्थिति में पंडितों ने वैज्ञानिकों की मेहनत और चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग के लिए भगवान बालाजी से प्रार्थना की गई। तत्पश्चात् सुदर्शन मूल मंत्र का वाचन कर विशेष होम किया गया। जिसमें शामिल होकर भक्तों ने लघु पूर्णाहूति दी। पूजा अनुष्ठान में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने मंदिर में प्रसाद ग्रहण किया।
कल ये होंगे अनुष्ठान
कल यानी बुधवार को पवित्रोत्सव के तीसरे और आखिरी दिन सुबह 6 बजे से ही पूजन कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएगा। सुबह 10 बजे महा कुंभाभिषेक किया जाएगा। इस विधान के तहत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तगण मंदिर के शिखर पर जाकर रजत और कांस्य कलशों में भरे दिव्य द्रव्य से अभिषेक करेंगे। महा कुंभाभिषेक के बाद दोपहर 12 बजे से महाभंडारा का आयोजन है। आंध्र समाज के अध्यक्ष एम जयंत नायडू और बालाजी टेंपल कमेटी के चेयरमैन ए वीरराजू ने बताया कि महाभंडारे में हजारों की संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है। जिसे देखते हुए मंदिर कमेटी की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई है।