छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, 'छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आज के दिन को ऐतिहासिक दिन कह सकते हैं। आज बहुत बड़ी संख्या में नक्सली हमारे संविधान पर विश्वास करते हुए विकास की धारा से जुड़ने जा रहे हैं। उनका स्वागत है।
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने बताया, 'जो युवा इस तरह से भटक रहे थे, वे बस्तर की जनता के लिए लड़ रहे थे लेकिन उन्हें पता चला कि वे वास्तव में बस्तर की जनता के लिए नहीं लड़ रहे बल्कि उनका नुकसान कर रहे थे। बस्तर का विकास इतने साल में नहीं है। अब अगर वे सभी मिलकर योगदान करेंगे तो बस्तर आगे बढ़ेगा।'
बस्तर के जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अपने हथियार डाल दिए। उन्होंने संविधान में विश्वास व्यक्त किया।