डिप्टी कमांडर हुर्रा सोड़ी 26 वर्ष निवासी हंड्री थाना गंगालूर जिला बीजापुर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू अभियान के तहत 1 जनवरी को पुलिस के समक्ष डीआरजी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।
दन्तेवाड़ा में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छग शासन की पुनर्वास नीति के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है, इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष नक्सलियों सहित भटके हुए नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है।
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नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 3 लाख ईनामी नक्सली प्लाटून नंबर 12 सेक्शन डिप्टी कमांडर हुर्रा सोड़ी 26 वर्ष निवासी हंड्री थाना गंगालूर जिला बीजापुर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू अभियान के तहत 1 जनवरी को पुलिस के समक्ष डीआरजी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पित नक्सली को पुनर्वास नीति के तहत् 25 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें जैसे 10,000 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता, 3 वर्ष तक निःशुल्क आवास तथा भोजन, स्किल डेवलपमेंट हेतु प्रशिक्षण, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएगी, लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 209 ईनामी सहित कुल 889 नक्सली ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके है।