दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिक अपने परिजनों को फोटो कॉपी कराने जाने के नाम पर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं आई। परिजनों ने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई, जहां 12 घंटे के अंदर पुलिस नाबालिक को झांसी के रेलवे स्टेशन से पकड़कर अपने साथ वापस किरंदुल ले आई।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि किरन्दुल निवासी प्रार्थी द्वारा थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि इनकी नाबालिग बेटी 22 जनवरी को अपनी पुस्तक की फोटो कॉपी कराने जाने के नाम पर घर से निकली। देर रात तक घर नहीं आने से वह पुत्री के दोस्तों व आसपास पूछताछ की पर कोई भी पता नहीं चलने से 23 जनवरी को थाना किरन्दुल में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर पता तलाश शुरू की गई। तलाश के दौरान बस संचालकों, रेलवे पुलिस व साइबर सेल दंतेवाड़ा के माध्यम से नाबालिक की तलाश की गई।
कुछ लोगों ने बताया कि नाबालिग 22 जनवरी की रात्रि करीब 10 बजे बस में बैठकर किरन्दुल से रायपुर जाने व वहां से दिल्ली जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस से जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने तत्काल ट्रेन की लोकेशन लेकर सभी स्टेशनों से संपर्क करते हुए झांसी रेलवे स्टेशन में रेलवे पुलिस को मामले की जानकारी दी। मामला दर्ज होने के 12 घंटे में गुम बालिका को ट्रेन से बरामद करवाकर वन स्टाफ सखी सेंटर झांसी में रखा गया था। थाना किरन्दुल से पुलिस परिजनों को लेकर झांसी गई, झांसी से गुम बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों के समक्ष पूछताछ कर सीडब्ल्यूसी व न्यायालय के सामने पेश कर बयान दर्ज कराया गया। नाबालिक के साथ किसी प्रकार की कोई भी अपराध नहीं होने पर बालिका को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया।