सोमवार को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के 2024 बैच के छात्र-छात्राओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर शहर की रक्त की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सुबह से लेकर शाम तक चले इस रक्तदान शिविर में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में रक्त की निरंतर कमी को दूर करना है।
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल 2024 बैच के छात्र-छात्राओं ने सोमवार की सुबह से लेकर शाम तक ब्लड बैंक में जाकर अपनी स्वेच्छा से रक्तदान किया। इन छात्रों का कहना था कि संभाग के इस सबसे बड़े हॉस्पिटल में आये दिन रक्त को लेकर मरीजों को भटकते हुए देखा गया है। जिसको देखते हुए इस कैंप का आयोजन किया गया है।
विज्ञापन
कैंप के बारे में जानकारी देते हुए 2024 बैच की निकिल पटेल ने बताया कि बस्तर में सिकलीन के मामले लगातार सामने आ रहे है। वहीं गर्भवती महिलाओं को भी रक्त के लिए भटकते देखा गया है। अधिकतर देखा गया है कि हॉस्पिटल में जितनी भी गर्भवती महिला आती हैं। उन्हें बिना एक्सचेंज किए रक्त दे दिया जाता है। जिससे कि रक्त बैंक में खून की कमी देखी जाती है। ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए छात्र-छात्राओं के द्वारा रक्तदान किया गया है।
वहीं कृष अग्रवाल ने बताया कि यहां पर आए दिन सड़क हादसे में घायल होकर आने वाले लोगों को भी रक्त की काफी जरूरत होती है, ऐसे में अगर उनको समय पर रक्त मिल जाएगा तो उनकी जान आसानी से बचाया जा सकती है।
विज्ञापन
वहीं इंटर्न कान्हा सोनी का कहना था कि रक्तदान के लिए आये दिन लोगों को जागरूक किया जाता है। जिससे लोगों की जिंदगी को बचाया जा सके। इसी तारतम्य में छात्रों के द्वारा पहल शुरू की गई है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल सके और उन्हें नई जिंदगी दी जा सके।