मणिपुर में शुक्रवार शाम उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया, इस हमले में दो जवान बलिदान हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हुए हैं।
मां को तीन दिनों से निरंतर रोता देख व परिवार में रोजाना लोगों की बढ़ती भीड़ को देखकर मणिपुर के उग्रवादी हमले में बलिदान जवान की दो बेटियां परिवार से पूछ रही हैं कि आखिर घर में चल क्या रहा है? वहीं सबसे छोटी बेटी को तो यह सब पता ही नहीं कि आखिर घर में क्या हो रहा है। पत्नी से लेकर मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो जा रहा है, सबकी नजर बस सड़क पर लगी हुई है कि उनका बलिदानी बेटा कब आएगा।
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बता दें कि मणिपुर में शुक्रवार शाम उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया, इस हमले में दो जवान बलिदान हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शाम करीब छह बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में हुआ। असम राइफल्स के जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहा था, तभी घात लगाकर बैठे उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में बलिदान होने वाले जवान रंजीत कुमार कश्यप कुछ दिन पहले ही अपने बीमार पिता को देखने के लिए एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए हुए थे, रविवार को जाने के बाद ही शुक्रवार की शाम हुए हमले में रंजीत बलिदान हो गए।
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शुक्रवार की शाम जब से रंजीत के बलिदान होने की बात सामने आई है, परिवार के लोग लगातार उस सड़क पर निगाह लागाकर बैठे हैं कि उनका बेटा कब आएगा। शुक्रवार से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है, फिलहाल सोमवार की दोपहर तक रंजीत का पार्थिव शरीर उनके गांव लाए जाने की बात कही जा रही है।