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Jagdalpur News: एनएमडीसी के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे जनता कांग्रेस जे पर लाठीचार्ज, कई कार्यकर्ता हुए घायल

Tue, 16 Dec 2025 09:56 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

बचेली में एनएमडीसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जनता कांग्रेस जे के कार्यकर्ताओं पर CISF ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। अमित जोगी ने एनएमडीसी पर संसाधन शोषण और निजीकरण का आरोप लगाते हुए 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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प्रदर्शन करते कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी मंगलवार को अपने कार्यकर्ताओं के साथ बचेली पहुंचे और एनएमडीसी व केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता एनएमडीसी गेट खुलवाने का प्रयास कर रहे थे, इसी दौरान गेट खुलते ही सीआईएसएफ जवानों ने बिना पूरा मामला समझे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हो गए। इसके बाद अमित जोगी ने साथियों के साथ एनएमडीसी के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

बताया गया कि अमित जोगी ने पहले बचेली के सब्जी मार्केट में टेंट लगाकर धरना दिया, इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं के साथ एनएमडीसी पहुंचे। वे 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने एनएमडीसी चेक पोस्ट पहुंचे थे। इसी दौरान CISF जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। स्थिति को गंभीर देखते हुए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें महिलाओं सहित दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गए। लाठीचार्ज के समय अमित जोगी स्वयं रैली में मौजूद थे।

प्रदर्शनकारियों ने एनएमडीसी पर बस्तर के संसाधनों के शोषण, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अमित जोगी ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा डेढ़ लाख करोड़ रुपये का घोटाला एनएमडीसी से जुड़ा है। उन्होंने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी का हवाला देते हुए कहा कि एनएमडीसी को लीज देने की शर्त में बस्तर में स्टील प्लांट लगाने का प्रावधान था, जिसके तहत नगरनार स्टील प्लांट की नींव रखी गई। योजना थी कि बस्तर का लौह अयस्क यहीं उपयोग होगा, लेकिन अब केंद्र सरकार निजीकरण कर रही है और अडाणी समूह की एंट्री हो चुकी है।

अमित जोगी ने 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरनार स्टील प्लांट को बस्तर के लोगों का बताया गया था, लेकिन अब इसे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने नंदराज पर्वत और पेटोरमेटा में खनन का विरोध किया। साथ ही टेलिंग डैम से निकलने वाले जहरीले पानी को स्थानीय लोगों की जान के लिए खतरा बताया। आरोप लगाया कि उत्पादन बढ़ने के बावजूद जहरीले पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ाई गई, जिससे टेलिंग डैम टाइम बम बन चुका है और 80 प्रतिशत पानी जहरीला हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यदि एनएमडीसी को खदान चलानी है तो बस्तर में मुख्यालय बनाया जाए, हैदराबाद कार्यालय बंद किया जाए, बाहरी लोगों की भर्ती रोकी जाए और स्थानीय लोगों को 100 प्रतिशत आरक्षण मिले। स्लरी पाइपलाइन और टेलिंग डैम के आसपास बसे लोगों को घर और 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने 30 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई का कड़ा विरोध करने की घोषणा की। पार्टी ने लाठीचार्ज को दमनकारी कार्रवाई बताते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

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