शासकीय कर्मचारी ने रिटायरमेंट से पहले कुछ इन्वेस्टमेंट के नाम पर एक जमीन खरीदने के नाम पर एक युवक से संपर्क किया, जहां युवक ने अपनी जमीन को देने के नाम पर 10 लाख रुपये प्रार्थी से ले लिए। लेकिन जमीन उसे न बेचकर दूसरे को दे दी। जिसके चलते अपने साथ 10 लाख रुपये ठगी होने पर बस्तर थाने में मामला दर्ज कराया गया। जहां पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरा युवक फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है, मामला बस्तर थाना क्षेत्र के भिरलिंगा बयागुढ़ापारा का बताया जा रहा है।
इस दौरान उनकी मुलाकात बोरपदर के वैधनाथ ठाकुर से हुई, जिन्होंने दिलीप कुमार नाग उर्फ दिलीप सांवरा (48) द्वारा बयागुड़ा टोल टैक्स नाका के पास तीन एकड़ नजूल जमीन बेचने की जानकारी दी।
हरिनंदन ने 2020-21 में दिलीप सांवरा से 10 लाख रुपये में जमीन खरीदी, जिसमें साल लाख रुपये ऑनलाइन आईसीआईसीआई बैंक खाते में और तीन लाख रुपये नकद घेराबंदी आदि के लिए दिए। दिलीप ने प्रार्थी को जमीन पर खेती करने की अनुमति दी, लेकिन रिटायरमेंट के बाद जब हरिनंदन वापस आए, तो पता चला कि दिलीप ने उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
ठगी का एहसास होने पर हरिनंदन ने 18 अगस्त को बस्तर थाने में 18 पेज की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिलीप सांवरा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सह-आरोपी वैधनाथ ठाकुर फरार है। बस्तर थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।