नक्सली को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी एवं बस्तर फाईटर्स दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा, आत्मसमर्पित नक्सली को पुनर्वास नीति के तहत् 25 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें मुहैया कराई जाएगी
दन्तेवाड़ा में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छग शासन की पुनर्वास नीति के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए नक्सली को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गाँव गाँव तक किया जा रहा है, इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष नक्सलियों सहित भटके हुए नक्सली द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है।
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नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, नक्सली संगठनों के भीतर आंतरिक मतभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 8 लाख के ईनामी नक्सली कंपनी नम्बर 6 का सदस्य सुधरू कश्यप 22 वर्ष निवासी बोदली कुदूरपारा थाना मालेवाही जिला बस्तर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत 25 दिसंबर को पुलिस उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा गौरव राय (भा.पु.से.),अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.)एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा रामकुमार बर्मन (रा.पु.से.) के समक्ष डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया।
उक्त नक्सली को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी एवं बस्तर फाईटर्स दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा, आत्मसमर्पित नक्सली को पुनर्वास नीति के तहत् 25 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें मुहैया कराई जाएगी तथा समाज में पुनर्वासित करने हेतु प्रोत्साहन आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुये व्यवसायिक प्रशिक्षण और आवास की सुविधायें भी प्रदाय की जाएगी। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 208 ईनामी सहित कुल 888 नक्सली ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।