संभाग मुख्यालय राजीव भवन में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसे बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के द्वारा संबोधित किया गया। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य ने कहा कि बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी को बचाने बस्तर से छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में समस्त कांग्रेसजन, आमजन और किसानों ने 40 किलोमीटर की पदयात्रा कर तपती धूप में कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
वही दूसरी ओर बस्तर से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने इंद्रावती बचाने को लेकर कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की और न ही प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सरकार पर कोई दबाव बनाया गया। जिससे अब आमजन को यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ही बस्तर हित में लड़ने वाले नेता हैं। किंतु दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सिर्फ विघ्न डालने का कार्य करते रहे। बावजूद यह पदयात्रा ऐतिहासिक रही।
मौर्य ने आगे बताया कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर में जल समस्या इंद्रावती नदी में जलधारा जलप्रवाह से निदान करने का सार्थक प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार में देउरगांव की DPR तैयार करवाने का कार्य किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बस्तर के कोटे से जल संसाधन व वनमंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप सिर्फ और सिर्फ कागजों में धारा दिखाने का झूठा सब्जबाग दिखाने का कार्य कर रहे हैं।
ओडिशा से पानी छोड़ने का झूठा और मनगढ़ंत व कागजी कार्यवाही का इवेंट करते नजर आते हैं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने इंद्रावती आगे कहा किअगर इंद्रावती नदी सुखी तो बस्तरवासी पलायन को मजबूर होंगे, जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। जब तक इंद्रावती नदी में जलप्रवाह शुरू नहीं होती। तब तक कांग्रेस की ये संघर्ष भी जारी रहेगी।
प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कांग्रेस पार्टी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, जल संसाधन वनमंत्री केदार कश्यप, व सांसद महेश कश्यप से सवाल पूछा है कि डेढ़ साल की सरकार में आपने इंद्रावती नदी के लिए क्या किया, सिर्फ और सिर्फ इंद्रावती विकास प्राधिकरण को ठंडे बस्ते में डालने का कार्य किया है। इंद्रावती विकास प्राधिकरण में अभी तक ताला क्यों लगा हुआ है, सरकारी नियुक्तियां क्यों सरकार करवा नहीं पा रही है। मटनार बैराज पर आगे का कार्य क्यों नहीं बढ़ रहा है, जोरानाला से छत्तीसगढ़ को 50 प्रतिशत पानी मिले। इसके लिए भाजपा सरकार ओडिशा सरकार पर दबाव क्यों नहीं बना रही है, कुल मिलाकर सरकार सत्ता की लोलुपता में पूरी तरह से निष्ठुर हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी इंद्रावती को बचाने की हर संभव कार्य करेगी।
ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि महानदी जलविवाद को लेकर भाजपा सरकार ओडिशा सरकार के साथ बैठक करती है। दूसरी ओर इंद्रावती नदी सुख गई है। इसके लिए दबाव क्यों नहीं बना रही है। किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कांग्रेस की सरकार इंद्रावती को मां का दर्जा देती है। इसके महत्व को समझती है, बस्तरवासियों के हित को देखते हुए इंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन करती है। मटनार और बैराज का प्रोजेक्ट लाने का कार्य करती है। दूसरी ओर 15 साल की रमन सरकार और 2003 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने जलसंधि समझौते को लेकर ग्रीष्म ऋतु में 50–50 प्रतिशत इंद्रावती नदी में पानी छोड़े उस पर दबाव क्यों नहीं बनाती है।15 साल की रमन सरकार में भी गठन क्यों नहीं किया गया था। इस दौरान निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उप नेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, महामंत्री जाहिद हुसैन,सुषमा सूता, विक्रम सिंह डांगी, ललिता राव, शुभम् यदु,एस नीला,मौजूद रहे।