शनिवार की सुबह सीआरपीएफ डीजी समेत देशभर के नक्सल प्रभावित राज्यो के सीआरपीएफ अधिकारी बस्तर पहुंचे। जहां कई घंटों की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आला अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि मैदानी स्तर में काम करने वाले जवानों को किसी भी प्रकार से कोई भी परेशानी नही होगी। साथ ही उन्हें नक्सलियों से लोहा लेने के समय जो भी संसाधन चाहिए वो भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जगदलपुर में शनिवार की सुबह बड़ी बैठक शुरू की गई। इस बैठक में सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह की अध्यक्षता में बैठक ली गई। इस बैठक में डीजीपी छत्तीसगढ़ एडी गौतम, एडीजी इंटेलीजेंस विवेकानंद सिन्हा सहित सभी वरिष्ठ पुलिस अफसरों की मौजूदगी देखी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए देशभर के नक्सल प्रभावित राज्यों के सीआरपीएफ अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे।
जगदलपुर के लालबाग स्थित पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में सुबह 9 बजे से बैठक शुरू कर दिया गया था। इस बैठक के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए। शाम को इस बैठक के संबंध में बताया गया कि मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों को आने वाली दिक्कतों के बारे में लंबी बात की गई। आला अफसरो ने यह भरोसा दिलाया है कि इस दौरान जवानों को किसी भी प्रकार से संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी, हर हाल में मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करना है। बड़े ऑपरेशन प्लान करके लॉन्च किए जाएंगे। बस्तर में नक्सलियों के ठिकानों को मिटाया जाएगा, साथ ही जो भी बचे-कूचे नक्सली है उनका सफाया भी जल्द किया जाएगा।