बुधवार की सुबह, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमा से लगे भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम केशकुतुल में डीआरजी, एसटीएफ, सीआरपीएफ और अन्य जवानों की एक संयुक्त टीम नक्सलियों की खोज में निकली थी। इसी दौरान, सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। यह मुठभेड़ रुक-रुक कर देर शाम तक चलती रही। इस प्रारंभिक मुठभेड़ में, तीन डीआरजी जवानों ने शहादत प्राप्त की और दो अन्य जवान घायल हो गए। वहीं, जवानों ने इस दौरान 12 नक्सलियों को मार गिराया।
सर्चिंग ऑपरेशन और हथियारों का जखीरा बरामद
रात होने के कारण बुधवार को जवानों ने अपना अभियान रोक दिया था, लेकिन गुरुवार की सुबह फिर से शुरू हुई तलाशी के दौरान, तीन अन्य नक्सलियों के शव बरामद हुए, जिससे कुल हताहत नक्सलियों की संख्या 15 हो गई। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, जिनमें LMG मशीन गन, AK 47 राइफल, SLR राइफल, INSAS राइफल, .303 राइफल और अन्य हथियार शामिल हैं।
शहीद हुए जवानों की पहचान प्रधान आरक्षक मोनू वड़ाड़ी, आरक्षक दुकारु गोड़े और डीआरजी बीजापुर मूल निवासी थाना आवापल्ली क्षेत्र, जिला बीजापुर के रमेश सोड़ी के रूप में हुई है। मुठभेड़ में घायल हुए दो जवान, जिनमें ASI जनार्दन कोर्राम और आरक्षक सोमदेव यादव शामिल हैं, खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
इस मुठभेड़ में बीजापुर पश्चिम बस्तर डिवीजन क्षेत्र के PLGA कंपनी क्रमांक 02 के कमांडर और 8 लाख रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी कैडर DVCM मोडियामी वेल्ला सहित कुल 14 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं। अन्य बरामद हुए नक्सलियों के शवों की पहचान की जानी बाकी है।
जारी है सघन तलाशी अभियान
घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षाबलों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त बल (रीइन्फोर्समेंट) को क्षेत्र में भेजा गया है और इलाके को कॉर्डन कर लिया गया है। आला अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, फिलहाल अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती है।
बीजापुर एसपी डॉक्टर जितेंद्र यादव ने पुष्टि की है कि मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या 12 से बढ़कर 15 हो गई है और इलाके में सर्चिंग जारी है। उन्होंने बताया कि जवान अभी भी जंगल में हैं और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके सुरक्षित लौटने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। कुल मिलाकर, स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।