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जगदलपुर: बस्तर आईजी का दावा, सीसी मेंबर व पीएलजीए नंबर एक कमांडर की है जानकारी, सरेंडर करने की चेतावनी

Sun, 06 Jul 2025 06:12 PM IST
Digvijay Singh जगदलपुर

सार

बस्तर पुलिस लगातार नक्सलियों के टॉप लीडर के ऊपर नजर बनाए हुए है, वही पुलिस की ओर से बार बार नक्सलियों के टॉप लीडर को सरेंडर करने की बात कही जा रही है। 
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बस्तर आईजी सुंदरराज पी. - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बस्तर पुलिस लगातार नक्सलियों के टॉप लीडर के ऊपर नजर बनाए हुए है, वही पुलिस की ओर से बार बार नक्सलियों के टॉप लीडर को सरेंडर करने की बात कही जा रही है, अगर सरेंडर नही करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की बात कही जा रही है, इस बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ बस्तर आईजी का दावा है कि सीसी मेंबर व पीएलजीए नंबर 1 कमांडर की पूरी जानकारी पुलिस को मिली है, जहाँ उन्हें इस बात की भी जानकारी है कि दोनों टॉप लीडर इस वक्त कहा है, जिसे सरेंडर करने की बात कही जा रही है। 

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बताया जा रहा है कि दुर्दांत नक्सल माड़वी हिड़मा और बारसे देवा की लोकेशन पुलिस ने ट्रेस कर लिया है, जिसके चलते एक टीम को भी तैयार किया गया है, जो इन टॉप नक्सलियों के ठिकानों तक जाकर या तो उन्हें सरेंडर के लिए बात करेगी, नही करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की बात भी कही जा रही है, इन नक्सलियों के बारे में यह भी बताया जा रहा है कि सीसी मेंबर माड़वी हिड़मा हर बड़ी वारदात का मास्टर माइंड रहा है। 

इसी के द्वारा बनाये गए रणनीति के चलते कई बार पुलिस जवानों को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ा है, वही बात करे अगर नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन नंबर-1 का कमांडर बारसे देवा है। वही अब नक्सलियों की लगातार संख्या घटने और जवानों के द्वारा लगातार नक्सलियों को भागने पर मजबूर कर दिया है, इन्ही सब घटनाओं को देखते हुए अब ये टॉप लीडर फोर्स के जवानों से बचने की कोशिश में लगातार लोकेशन बदल रहे हैं, दोनों खूंखार नक्सली पुलिस की खुफिया तंत्र से बच नही पाए है, जिसके कारण पुलिस को इनके ठिकानों की जानकारी मिल चुकी है, इन सबके अलावा सबसे खास बात यह है कि दोनों टॉप लीडर नक्सली सुकमा जिले के पूवर्ती गांव के रहने वाले हैं। वहीं इस मामले में बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि पीएलजीए बटालियन नंबर 1 की संख्या भी काफी कम हो गई है, साथ ही क्षेत्रफल भी सिमटते जा रहा है, वही इन दोनों नक्सलियों को सरेंडर करने की बात कही जा रही है, जिससे कि वे मुख्यधारा में जुड़ जाए, नही तो बाकी के लीडर जैसे अंजाम भुगतने को तैयार रहने की बात कही जा रही है। 

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