ऑटो चालकों के द्वारा कुछ पैसे ज्यादा के चक्कर में लगातार क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर हादसों को दावत देते हैं। जिसमें सामने के साथ ही पीछे के डाली में भी सवारीको बैठा लेते हैं। बड़े और बच्चे सभी शामिल हैं। जिससे कई बार बड़े हादसे भी हुए हैं। नतीजा कार्रवाई होने के बाद भी इन ऑटो चालकों के ऊपर किसी भी प्रकार से प्रशासन का कोई डर दिखाई नही दे रहा है।
अभी कुछ दिन पहले ही यातायात पुलिस के द्वारा सड़क सुरक्षा माह का समापन किया गया। जिसमें ऑटो चालकों से लेकर दुपहिया, कार चालक, बस चालक, ट्रक चालक आदि को समझाने के साथ ही यातायात नियमों का पालन करने की बात भी कही। समय-समय पर यातायात पुलिस इन क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने वाले ऑटो चालकों के ऊपर कार्रवाई भी कर चुकी है।
लेकिन इन ऑटो चालकों की लापरवाही के चलते ऑटो में बैठे लोग अपने आप को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बात दें कि अभी कुछ दिन पहले की गीदम रोड में एक तेज रफ्तार ऑटो चालक व मेडिकल कॉलेज के छात्र के बीच टक्कर हो गई थी। इस हादसे में ऑटो पलट गया, जिससे वाहन में बैठे नौ लोगों को चोट आने के कारण उन्हें यातायात पुलिस के द्वारा ही अपनी पैट्रोलिंग वाहन में बैठाकर उन्हें मेकाज में भर्ती किया गया था।
वहीं बस्तर जिले से लगे ओड़िसा की भी बात करे तो 26 जनवरी को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक तेज रफ्तार स्कार्पियो ने ऑटो समेत बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि ऑटो में सवार 15 यात्रियों में पांच से छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा मेडिकल कालेज के आगे मारेंगा के पास भी एक ऑटो चालक और बड़े वाहन से टक्कर हो गई थी, जिसमें ऑटो चालक की मौत हो गई थी और उसमें बैठे लोग घायल हो गए थे।
ऐसे हादसों के बाद भी ऑटो चालक लापरवाही बरतना नहीं छोड़ रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि ऑटो चालक के द्वारा ज्यादा कमाई के चक्कर में ऑटो के डाली को खोलकर उसमें बच्चों को इस तरह से बैठाकर तेजी से वाहन चलाते हुए दिखाई दे रहे है। जिससे किसी भी वक्त हादसा हो सकता है।