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Chhattisgarh: दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया सरेंडर, एक करोड़ से ज्यादा का था इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

Fri, 09 Jan 2026 02:30 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लोन वर्राटू अभियान के तहत आज 63 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जिनमें 18 महिला नक्सली भी शामिल हैं। 
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63 नक्सलियों ने किया सरेंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लोन वर्राटू अभियान के तहत आज 63 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 18 महिला नक्सली भी शामिल हैं। यह घटना राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।

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प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है।

अभियान की व्यापकता
यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
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सुरक्षाबलों के प्रयास
सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

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