बलरामपुर जिले के रामानुजगंज तहसील क्षेत्र में समर्थन मूल्य में धान खरीदी में 3.63 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के मामले में रामानुजगंज के प्रभारी तहसीलदार विष्णु गुप्ता को सरगुजा कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने निलंबित कर दिया है। प्रभारी तहसीलदार ने तीन समितियों के किसानों का रकबा बढ़ा दिया था। इन समितियों में किसानों से 3.63 करोड़ रुपये की अधिक धान की खरीदी कर ली गई। कलेक्टर ने इन समितियों के किसानों को भुगतान पर भी रोक लगा दी है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले में समर्थन मूल्य में धान खरीदी के दौरान रामानुजगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत भंवरमाल, त्रिकुंडा एवं महावीरगंज समितियों में पंजीकृत किसानों का रकबा बढ़ा दिया गया। इसमें रामानुजगंज के प्रभारी तहसीलदार विष्णु गुप्ता की मिलीभगत की शिकायत जिला प्रशासन को मिली थी। मामले की शिकायत पर कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने गड़बड़ी की जांच कराई।
जांच में मिली गड़बड़ी, रिपोर्ट मिलने पर निलंबित
तीनों समितियों में पंजीकृत किसानों के वास्तविक रकबे एवं खरीदी के लिए दर्ज रकबे में अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर सरगुजा कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने प्रभारी तहसीलदार विष्णु गुप्ता को निलंबित कर दिया है। रकबा बढ़ाकर किसानों से 3.63 करोड़ रुपये अधिक धान की खरीदी की गई है। निलंबन के दौरान सुरजपुर जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।
बलरामपुर में 4.99 लाख क्विंटल अधिक धान खरीदी
समर्थन मूल्य में बलरामपुर जिले ने 4.99 लाख क्विंटल अधिक धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। बलरामपुर जिले की सीमाएं झारखंड एवं उत्तरप्रदेश से मिलती हैं, जहां धान 16 से 18 रुपये प्रति किलो है। इस कारण वहां का धान तस्करी होकर छत्तीसगढ़ में पहुंचा है। इससे आशंका है कि समितियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। बलरामपुर जिले में 20,87,220 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य था, जहां 25,85,980 क्विंटल धान खरीद लिया गया है।
कलेक्टर ने रोका भुगतान
बलरामपुर कलेक्टर आर एक्का ने बलरामपुर के तीनों समिति भंवरमाल, त्रिकुंडा एवं महावीरगंज क्षेत्र में आने वाले किसानों के धान का भुगतान रोक दिया था। दो बार आदेश जारी कर छह फरवरी तक धान खरीदी के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। कलेक्टर आर.एक्का ने बताया कि जिन किसानों का रकबा बढ़ा है, उनका भुगतान रोक दिया गया है। शेष किसानों को आरहण की अनुमति दे दी गई है।