छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जगदलपुर के एसपी देवनारायण पटेल की आत्महत्या के बाद अतिरिक्त जिला और सेशन जज (फास्ट ट्रैक अदालत) एनेस्टस टोप्पो के काम और आचरण की जांच के आदेश दिए हैं।
कहा जा रहा है कि टोप्पो की तनातनी की वजह से ही पटेल ने परिवार समेत आत्महत्या कर ली।
रजिस्ट्रार जनरल अशोक पंडा ने जारी निर्देश में कहा है कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस यतींद्र सिंह ने टोप्पो के काम और आचरण की जांच के आदेश दिए हैं।
जज के आचरण की होगी जांच
एक रजिस्ट्रार जगदलपुर में बस्तर जिला अदालत पहुंच कर टोप्पो के काम और आचरण की जांच करेगा। इस बीच जज टोप्पो को स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन पद पर भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि पटेल और जज टोप्पो के बीच 23 फरवरी को तनातनी हुई थी। इसके बाद पटेल को सोमवार को निलंबित कर दिया गया था।
इस आदेश से परेशान पटेल ने मंगलवार की रात को अपने सरकारी आवास में अपनी पत्नी प्रतिमा और दो बच्चों को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी।
निलंबन से हताश थे एसपी
इस हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई थी। लेकिन छह साल के बेटे आर्यन और ग्यारह साल की बेटी पूनम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों का इलाज रामकृष्ण केयर मे चल रहा है।
इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। पटेल के आवास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया था, जिसमें निलंबन से हताशा जताई गई थी।
शराब पीने का आरोप
चिट्ठी में लिखा था, मैं हमेशा राज्य और अपने विभाग के प्रति प्रतिबद्ध रहा लेकिन एक पियक्कड़ के झूठे दावों की बुनियाद पर ठीक तरह से जांच के बगैर मुझे बेइज्जत और निलंबित कर दिया गया।
मुझे अपनी बात भी नहीं कहने दी गई। लिहाजा निराश होकर मैं अब पूरे परिवार के साथ जा रहा हूं।