जशपुर जिले की पुलिस ने शराब तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर एक और बड़ी चोट करते हुए हरियाणा निवासी कुख्यात तस्कर कर्ण उर्फ बाबू शर्मा (38), ग्राम थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को जशपुर पुलिस की विशेष टीम हरियाणा से पकड़कर लाई। यह कार्रवाई तब संभव हो सकी जब पुलिस ने अगस्त माह में शराब तस्करी कर रहे एक ट्रक के चालक चिमा राम के मोबाइल डेटा की गहराई से जांच की। जांच में यह महत्वपूर्ण सुराग सामने आया कि तस्करी में उपयोग हो रहे ट्रकों में रास्ते में भरवाए जाने वाले डीजल का भुगतान हरियाणा से ऑनलाइन किया जाता था। पेमेंट गेटवे को ट्रेस कर पुलिस सीधे आरोपी कर्ण शर्मा तक पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल एक टीम हरियाणा रवाना की गई, जिसने आरोपी को उसके गांव से हिरासत में लेकर जशपुर लाया।
पूछताछ में कर्ण ने स्वीकार किया कि वह 2023 में सोनीपत की एक शराब दुकान में सेल्समैन था। वहीं उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जो पंजाब और चंडीगढ़ से अवैध अंग्रेजी शराब को दिल्ली और आगे बिहार तक खपाता था। बाद में दुकान बंद होने पर कर्ण अपने गांव लौट आया और ऑनलाइन लेन-देन का काम करने लगा। इसी दौरान पुराने परिचित तस्कर ने उससे संपर्क कर तस्करी में प्रयोग होने वाले ट्रकों के डीजल का भुगतान करवाना शुरू किया। पेट्रोल पंपों के क्यूआर कोड उसे व्हाट्सऐप पर भेजे जाते और वह भुगतान कर देता, जिसके एवज में उसे कमीशन मिलता था। पुलिस ने उस मुख्य तस्कर की पहचान भी कर ली है और उसकी तलाश जारी है।
जशपुर पुलिस द्वारा पिछले कुछ महीनों में की गई लगातार कार्रवाइयों से तस्करी नेटवर्क काफी हद तक कमजोर पड़ा है। फरवरी में दुलदुला क्षेत्र से दो ट्रक पकड़कर पुलिस ने 11,552 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की थी। इसके बाद अगस्त और अक्टूबर में दो और ट्रक पकड़े गए, जिनसे 12,888 लीटर शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर पुलिस अब तक चार ट्रकों से 24,440 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जप्त कर चुकी है और पांच आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जा चुके हैं।
जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर चंडीगढ़ से शराब लेकर रांची तक ट्रक चालकों के जरिए पहुंचाते थे। रांची में उन्हें नकद राशि देकर वापस भेज दिया जाता था, और फिर कोई अन्य व्यक्ति ट्रक को आगे बिहार तक ले जाता था। पुलिस के अनुसार तस्कर चेकिंग से बचने के लिए मुख्य सड़कों की बजाय ग्रामीण मार्गों का उपयोग करते थे। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस सभी मामलों की एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन कर रही है और उन्हें कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जल्द ही इस बड़े सिंडिकेट के और सदस्यों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।