छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को हराकर 3-0 से सीरीज अपने नाम कर लिया। भारत ने तीसरे मैच में 92 रन से जीत हासिल की। इस तरह सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 216 रन बनाए औ 7 विकेट खोये। शेफाली वर्मा ने 69 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि हरमनप्रीत कौर ने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन ठोक दिए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 124 रन ही बना सकी और भारत ने 92 रन से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।
इस जीत का जुनून दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा था। दर्शक और क्रिकेट प्रेमी दोनों बेटियों की प्रतिभा के कायल हो गए। दर्शक जीत के बाद नाचते और जश्न मनाते नजर आए। दर्शकों का कहना था कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। भारतीय महिला टीम ने अपने दमदार खेल से एक बार फिर साबित कर दिया की वो किसी से कम नहीं हैं। तीन टी-20 मैचों की सीरीज में भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया। 20 अक्टूबर को खेले गए आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया ने 92 रनों से शानदार जीत दर्ज की। मैदान पर चौकों-छक्कों की जमकर बरसात हुई।
शेफाली ने 25 गेंदों पर 55 रन बनाए
दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 102 रन पर रोक दिया। इसके बाद शेफाली वर्मा ने 25 गेंदों पर 55 रन बनाए और कप्तान स्मृति मंधाना ने 25 गेंदों पर नाबाद 47 रन की पारी खेली। भारत ने महज 8।5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 9 विकेट से मिली इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
4 विकेट से जीत दर्ज की
सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और चार विकेट महज 19 रन पर गिर गए। लेकिन दीप्ति शर्मा और डेब्यू कर रहीं निकी प्रसाद ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। भारत ने 15.4 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 4 विकेट से जीत दर्ज की।
प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं शेफाली
मैच देखने पहुंचे क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है। खिलाड़ियों की मेहनत, आत्मविश्वास और आक्रामक खेल ने साबित कर दिया कि मौका मिलने पर बेटियां किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। दर्शकों के मुताबिक, महिला क्रिकेट का बढ़ता क्रेज आने वाली पीढ़ी की लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
स्मृति मंधाना की कप्तानी में पहली जीत
जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 की क्लीन स्वीप भारतीय महिला टीम के लिए खास रही। स्मृति मंधाना की अगुवाई में टीम ने पहली बार सीरीज अपने नाम की। निर्णायक मुकाबले में बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन और गेंदबाजों के अनुशासित प्रयास ने भारत को बड़ी जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने सीरीज में अपना दबदबा साबित करते हुए नए कप्तानी दौर की शुरुआत यादगार बना दी।