जगदलपुर विधायक किरण देव ने बजट सत्र के सदन में प्रश्नकाल के दौरान सवाल पूछते कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने संस्कृति, धरोहर,परंपरा एवं मेला मंडई के उत्सव मनाए जाने के लिए पूरे देश में जाना जाता है। साथ ही हमारे बस्तर संभाग में विश्व विख्यात दशहरा, चित्रकूट महोत्सव ,रामाराम मेला, गोंचा पर्व एवं मेला,मंडई ,जात्रा एवं अपने परंपरा को समेटे हुए वर्ष भर बस्तर संभाग में कार्यक्रम होते रहते हैं, जो अपने आप में बस्तर की संस्कृति एवं कला को दर्शाता है।
इस अनोखी परंपरा को वर्तमान में भी बस्तर के आदिवासी जनमानस सभी परंपराओं को मनाते आ रहे हैं। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा इन सभी त्योहारों के लिए शासन के द्वारा कितनी अनुदान राशि वर्तमान में दिया जा रहा है
कहा, हमारा बस्तर दशहरा विश्व विख्यात है, जिसे देशभर से लोग बस्तर दशहरा देखने आते हैं। 75 दिनों तक चलने वाला हमारा बस्तर दशहरा अपने आप में हमारी संस्कृति को संजोए हुए है। हम सभी बस्तरवासी वर्तमान में भी धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ दशहरा बनाते हैं, साथ ही सुकमा में होने वाले रामाराम मेला ,चित्रकूट महोत्सव, गोंचा पर्व एवं गांव भर में होने वाले मेला ,मंडई एवं देवगुडी में होने वाले पूजा पाठ के लिए हमारे बस्तर की पहचान है।
इन सभी परंपराओं का संजोग कर रखना हमारा दायित्व है। सवाल करते हुए उन्होंने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा इन सभी त्योहारों के लिए शासन के द्वारा कितनी अनुदान राशि वर्तमान में दिया जा रहा है, वहीं अनुदान राशि को बढ़ाने की बात भी सदन में रखी, जिस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा के लिए पूर्व में पर्यटन एवं धर्मस्थ विभाग से 35 लाख दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर अब विश्व प्रसिद्ध दशहरा के लिए 50 लाख रुपये हर वर्ष अनुदान राशि दी जाएगी।
रामाराम मेले के लिए पूर्व में 10 लाख रुपए दिया जाता था,जिसे बढ़ाकर15 लाख रुपये, चित्रकूट महोत्सव के लिए पूर्व में 10 लाख रुपये दिए जा रहे थे, उसे बढ़ाकर 15 लाख और गोंचा महापर्व के लिए पूर्व में 3 लाख रूपये दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।