फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'माउंटेन मैन' जैसी है इस शख्स की कहानी, 27 साल में अकेले खोद दिया तालाब

Mon, 28 Aug 2017 11:53 AM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
विज्ञापन
श्याम लाल - फोटो : Hindustan Times
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के एक गांव का 42 साल का एक शख्स जिसने पहाड़ नहीं खोदा, लेकिन जो किया उसने उसे हीरो बना दिया। अपनी जिंदगी के 27 साल उसने सिर्फ इसलिए लगा दिए जिससे उसके गांववालों की प्यास बुझ सके, गांव के जानवर बेमौत न मरें।
विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का गांव 'सजा पहाड़' कई सालों से पानी की कमी से जूझ रहा है। सरकार की बेपरवाही की मार झेल रहे गांव के लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर इस समस्या से निपटें कैसे।

तभी 15 साल के श्याम लाल ने एक फैसला किया जिस पर शुरुआत में लोगों ने उसका जमकर मजाक उड़ाया, लेकिन 27 साल के बाद जो रिजल्ट सामने आया वो बिहार के माउंटेन मैन दशरथ राम मांझी से कम नहीं था। श्याम लाल ने अकेले की मेहनत के दम पर एक एकड़ में 15 फीट गहरा तालाब खोद डाला।
विज्ञापन


पढ़ें: माउंटेनमैन दशरथ मांझी के क्षेत्र में बिछेगी नई रेल लाइन

अपने काम की तारीफ होने पर आंखों में चमक लिए श्याम लाल गर्व से कहते हैं कि इस काम में उसकी किसी ने मदद नहीं की। न सरकार ने और न ही गांव वालों ने। ये उसने गांव वालों और जानवरों की भलाई के लिए किया।
विज्ञापन

गांव के लोग पानी के लिए कुओं पर निर्भर हैं

- फोटो : Hindustan times
कल तक उसका मजाक बनाने वाले गांव वाले आज उसको अपना रोल मॉडल मानने लगे हैं। 70 साल के रामशरण कहते हैं कि हम सब उसके शुक्रगुजार हैं। उसकी मेहनत का फायदा आज सभी ले रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि सजा पहाड़ एक ऐसा गांव है जहां इलेक्ट्रिसिटी और रोड कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं है। गांव के लोग पानी के लिए कुछ कुओं पर निर्भर हैं। महेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने दो दिन पहले ही गांव का दौरा किया है।

पढ़ें: किसी ने बनाया ताजमहल तो किसी ने तोड़ा पहाड़, मोहब्बत की 7 दास्तानें

ये गांव महेंद्रगढ़ विधानसभा के अंतगर्गत ही आता है। उन्होंने श्याम सिंह की मेहनत को सम्मानित करते हुए उसे 10000 रुपये का पुरस्कार दिया। वहीं कोरिया के डीएम नरेंद्र दुग्गल भी श्याम लाल की मदद का वादा कर रहे हैं।

श्याम लाल की ये मेहनत बिहार के 'माउंटेन मैन' दशरथ राम मांझी के जैसी ही है जिन्होंने पहाड़ को चीरकर 110 मिटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा रास्ता सिर्फ हथौड़े की मदद से बना दिया था। मांझी ने इस काम में 22 साल खर्च किए थे। मांझी के इस काम से 55 किलोमीटर का रास्ता घटकर 15 किलोमीटर रह गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें