सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि रोकने और आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर पुलिस लाइन में 1,000 हेलमेट क्षमता वाले विशेष हेलमेट बैंक की शुरुआत की। इस बैंक के माध्यम से जरूरतमंद दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा के लिए अस्थायी तौर पर निःशुल्क हेलमेट दिए जाएंगे।
जरूरतमंद चालकों के लिए हेलमेट बैंक की सुविधा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आम नागरिकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आग्रह किया।
इस बैंक में क्या खास
इस हेलमेट बैंक की मुख्य विशेषता यह है कि किसी आवश्यक कार्य से अचानक घर से निकलने वाले ऐसे वाहन चालकों को हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके पास तत्काल हेलमेट उपलब्ध नहीं है या जो आर्थिक कारणों से इसे खरीदने में सक्षम नहीं हैं। चालक अपना कार्य पूरा करने के बाद स्वयं का हेलमेट खरीदकर लाएगा और पुलिस द्वारा दिया गया हेलमेट वापस जमा करेगा। साथ हीष उसे सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़े छोटे सेवा कार्य में भी अपना सहयोग देना होगा।
चालान के बजाय सुरक्षा आदत पर ध्यान
पुलिस बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों के विरुद्ध विशेष जागरूकता अभियान भी चला रही है। अभियान के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के वाहन जब्त किए जा रहे हैं। वाहन स्वामी द्वारा नया हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद प्रस्तुत करने पर बिना कोई चालान काटे उसका वाहन छोड़ दिया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन का मुख्य ध्येय केवल कानूनी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नागरिकों में हेलमेट पहनने की स्थायी आदत का विकास करना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर गंभीर चोट लगने से कई लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है। हेलमेट का नियमित प्रयोग गंभीर चोट और जीवन के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। एक छोटी सी सावधानी व्यक्ति के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को बड़ी क्षति से बचा सकती है।