सिरगिट्टी तारबाहर क्षेत्र में शराब भट्टी सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रही है। यह दुकान अंडर ब्रिज के पास स्थित है, जहां शाम के समय शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण महिलाओं और स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
सिरगिट्टी मुख्य मार्ग पर स्थित शराब भट्टी के मामले में हुई सुनवाई में नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त ने शपथपत्र पेश किया। कोर्ट ने कहा कि इस जगह की नियमित मानिटरिंग हो और होली पर किसी तरह की परेशानी खड़ी न हो। इसके साथ ही दो अप्रैल को अगली सुनवाई निर्धारित की है।
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शहर के सिरगिट्टी तारबाहर क्षेत्र में शराब भट्टी सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रही है। यह दुकान अंडर ब्रिज के पास स्थित है, जहां शाम के समय शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण महिलाओं और स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। नागरिकों की ओर से कई बार इस भट्टी को हटाने के लिए ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शराबियों की गतिविधियों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है और कई बार महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं।
हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया। कोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई के दौरान पाया था कि शराब भट्टी न केवल अंडर ब्रिज के पास स्थित है, बल्कि मंदिर और आवासीय क्षेत्रों के भी करीब है, जो कि सरकारी नियमों का उल्लंघन है। पिछली बार हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने निगम आयुक्त को हर शाम जाकर भट्टी निरीक्षण करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा था कि क्या सरकार का केवल राजस्व कमाना ही उद्देश्य है?
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चीफ जस्टिस की डीबी में हुई सुनवाई में निगम आयुक्त का शपथपत्र अधिवक्ता आशीष तिवारी ने प्रस्तुत किया। इसमें निगम की ओर से इस जगह पर किये जा रहे निरन्तर निरिक्षण और साफ सफाई का उल्लेख किया गया। डीबी ने पूर्व में आबकारी विभाग को यहां से भट्टी कहीं अन्यत्र ले जाने को भी कहा था। आज चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट अभी मॉनिटरिंग करता रहेगा। इस बात का प्रशासन, पुलिस ख्याल रखे कि आवागमन किसी भी हाल में बाधित नहीं हो ।