छत्तीसगढ़ में संचालित घरौंदा सेंटरों की बदहाली और यहां रह रहे महिला व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रही जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ में सुनवाई हुई।
प्रदेश में संचालित घरौंदा सेंटरों की बदहाली और यहां रह रहे महिला व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रही जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ में सुनवाई हुई। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की बैंच ने कोर्ट कमिश्नरों को घरौंदा केंद्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वहीं, अगली सुनवाई में जनवरी 2025 में होगी।
विज्ञापन
पिछली सुनवाई में राज्य शासन की तरफ से दिए हलफनामे में कहा गया था कि घरौंदा महिला केंद्र को डिपूपारा, बिलासपुर से शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला, तिफरा, बिलासपुर के पीछे स्थित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां महिला संवासिनीयों के रहने के लिए पर्याप्त स्थान है। यह भी प्रस्तुत किया गया है। तिफरा, बिलासपुर के शासकीय मूक, बधिर एवं अंध विद्यालय के पास स्थित भवन में रख-रखाव का कार्य प्रगति पर है।
नौ दिसंबर 2024 को फिर से सुनवाई में सचिव ने शपथपत्र दाखिल किया है। वहीं, इस बीच, न्यायालय आयुक्तों को संबंधित घरौंदा केंद्र का दौरा करने और नई रिपोर्ट दाखिल करने कहा है। अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह 2025 में सुनिश्चित की गई है। छत्तीसगढ़ न्यायालय ने सचिव, समाज कल्याण विभाग रायपुर इस संबंध में अगली तिथि तक नया हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं।