आंगनवाड़ियों में विशेष बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं दिए जाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। राज्य शासन की ओर से भोजन का स्तर सुधारने बजट बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
आंगनवाड़ी में विशेष बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं दिए जाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। राज्य शासन की ओर से भोजन का स्तर सुधारने बजट बढ़ाने की जरूरत बताई गई। कोर्ट ने केंद्र को इस संबंध में जानकारी देने और राज्य व केंद्र सरकार को शपथपत्र देने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 5 मार्च 2025 को होगी।
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गुरुवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट कमिश्नर की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में आंगनबाड़ी में बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिलने सहित कुछ सेंटर बिजली तक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी भी जताई। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पोषण आहार का बजट बढाने के लिए केंद्र सरकार को 22 जून 2023 और 5 नवंबर 2024 को पत्र लिखा गया है।
भिलाई चरोदा के आंगनबाड़ी केंद्र के कुछ भवन रेलवे की जमीन पर होने के मामले में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने बताया कि भारतीय रेलवे कोड के अनुसार रेलवे क्षेत्र में स्थित भूमि पर आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अनुरोध करती है तो भूमि हस्तांतरित की जा सकती है।