सुकमा जिले के दूरस्थ और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण अब शासन की योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत चयनित 128 ग्राम अब पूरी तरह से पहुंच में आ चुके हैं और सुरक्षा कैंपों के दायरे में हैं।
सुकमा जिले के दूरस्थ और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण अब शासन की योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत चयनित 128 ग्राम अब पूरी तरह से पहुंच में आ चुके हैं और सुरक्षा कैंपों के दायरे में हैं। पहले इन गांवों तक योजनाओं की पहुंच आसान नहीं थी, लेकिन अब ग्रामीणों के लिए सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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इसी क्रम में 22 से 25 सितम्बर तक ग्राम पंचायत भेज्जी में चार दिवसीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सिंगाराम, बड़ेकेड़वाल, बुर्कलंका, गोलापल्ली, पालाचलमा और पेंटापाड़ पंचायतों के ग्रामीण शामिल होंगे। उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा सके। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। ग्रामीणों को आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और उद्योग से संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, समस्याओं का तत्काल निराकरण कर अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जोड़े जाने का प्रयास किया जाएगा।
शिविर के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित तहसीलदार, जनपद पंचायत कोण्टा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारी मिलकर शिविर को प्रभावी और परिणामकारी बनाने में योगदान देंगे। नियद नेल्लानार योजना के तहत शिविर आयोजन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शासन की योजनाएं ज़मीनी स्तर तक पहुंचे। जनभागीदारी के माध्यम से विकास की प्रक्रिया को गति देने और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।