केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने रमन सरकार पर बस्तर की दरभा घाटी में परिवर्तन यात्रा पर नक्सल हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेन्सी एनआईए को सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया है।
चरणदास महंत ने यहां जारी बयान में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी जांच में बाधा डाल रहे हैं तथा जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस द्वारा लगाये गये राजनीतिक साजिश के आरोपों की सच्चाई अब सामने आ रही है। भाजपा सरकार नक्सली हमले के पीछे की राजनीतिक साजिश को उजागर होने से रोकने के लिये काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी पर कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को सुरक्षा नहीं देने और जीरम घाटी और दरभा में माओवादियों की गतिविधियों की जानकारी न देकर 25 मई को परिवर्तन यात्रा पर हुये हमले के दौरान सुरक्षा का बन्दोबस्त सुनियोजित नहीं करने का आरोप है उसी अधिकारी को भाजपा सरकार ने एनआईए जांच का नोडल अधिकारी बनाकर बैठा दिया।
यह अधिकारी एनआईए की जांच में बाधा डालने के लिये नोडल अफिसर के रूप में अपनी नियुक्ति के कारण प्राप्त अधिकारों एवं प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
चरणदास महंत ने कहा कि नोडल अधिकारी बनाए गए इसी अधिकारी ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को जानबूझकर समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं करायी।
रोड ओपनिंग पार्टी एवं सुरक्षा व्यवस्था देने में बाधा डाली। अब यह अधिकारी दरभा घाटी नक्सली हमले की जांच का सच सामने न आने देने और जांच प्रभावित करने के इस षडयंत्र में लगा हुआ है।
उन्होंने राज्य सरकार से विवादित अधिकारी को नोडल अधिकारी के कार्य से हटाने और एनआईए को जांच में पूरा सहयोग देने की मांग की है, जिससे 25 मई को हुये कांग्रेस के शहीद नंद कुमार पटेल् महेन्द्र कर्मा, उदय मुदलियार, दिनेश पटेल, योगेन्द, शर्मा सहित 30 लोगों की शहादत का षडयंत्र रचने वालो की हकीकत जनता के सामने आए।