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GPM: ग्रामीणों को राशन के लिए करना पड़ता है संघर्ष, दो-तीन दिन तक करना पड़ता है बारी का इंतजार

Tue, 22 Apr 2025 08:18 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

गौरेला पेंड्रा मरवाही में जिले के मरवाही ब्लॉक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले राशन लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को दो से तीन दिन राशन के लिए दुकानों के सामने बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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राशन के लिए संघर्ष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला पेंड्रा मरवाही में जिले के मरवाही ब्लॉक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले राशन लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को दो से तीन दिन राशन के लिए दुकानों के सामने बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। हालांकि जब यहां पर भी उन्हें राशन नही मिलता तो वे गाँव से राशन के लिए शहर का रुख करते हुए 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय कर गौरेला और आसपास के दूसरे ग्राम पंचायत जाकर राशन लेते है पर यहां भी आधा अधूरा राशन ही इन्हें मिलता है। अब अधिकारी मामले में जानकारी लेकर समस्या से निजात दिलाने की बात कह रहे है। 

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दरअसल हम बात कर रहे हैं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की जहां पर स्थित ग्राम पंचायत बरवासन,खंता,पिपरिया और तौली के लोगो को पिछले दो से तीन महीने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन को लेकर ये ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,, यहां पर ग्रामीण जब अपने गांव के राशन दुकान में राशन लेने पहुंचते हैं तो उन्हें 2 से 3 दिन सिर्फ राशन दुकान पहुंच कर लाइन लगाना पड़ता है और राशन वितरण के लिए एंट्री करने वाले मशीन में सरवर दिक्कत तो कभी मशीन में समस्या आने के कारण इन्हें राशन नहीं मिल पाता जिसकी वजह से इन्हें राशन लेने के लिए आसपास के दूसरे ग्राम पंचायत या फिर 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय कर गौरेला आना पड़ता है और वहां से राशन लेना पड़ता है।

पर समस्या इनकी यहां पर भी खत्म नहीं होती अगर गांव में ग्रामीण राशन लेता है तो वहां पर उन्हें चावल के साथ चना शक्कर और नमक मिल जाता है,, पर दूसरे ग्राम पंचायत जाकर यह ग्रामीण राशन लेते हैं तो इन्हें सिर्फ चावल ही मिल पाता है जबकि चना शक्कर नमक का सीमित स्टॉक होने के कारण दुकानदार इन्हें शक्कर चना और नमक उपलब्ध नहीं कर पाता, बरवासन गांव के ग्रामीणों की माने तो गांव के दुकान जब भी वे जाते है तो दुकान संचालक का कहना रहता है कि राशन नही मिल पाएगा दूसरे ग्राम पंचायत जाकर ले लो दूसरे पंचायत जाओ तो सिर्फ चावल दिया जाता है बाकी चना शक्कर नमक उन्हें नही मिल पाता ,,जिससे परेशान होकर उन्हें दूसरे दुकान जाना पड़ता हज राशन लेने के लिए।
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हालांकि इस मामले में जब हमने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की तब उन्होंने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए मामले में जानकारी लेकर व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही है,,, अधिकारियों की माने तो जल्द ही राशन वितरण करने वाली जो मशीन ग्रामीण क्षेत्र में दुकानदार संचालक उपयोग कर रहा है उसे भी अपडेट करने के साथ बदलने की बात कही है और मशीन बदलने के बाद व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी यह भी अधिकारियों का कहना है। बहरहाल ग्रामीण पिछले दो से तीन माह से राशन को लेकर काफी परेशान हो रहे हैं पर अधिकारियों को इस बात की जानकारी ना होना कहीं ना कहीं पूरे सिस्टम को लेकर संदेह पैदा कर रहा है।

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