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जीपीएम: उल्टी-दस्त से दो की मौत, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की मौत से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

Fri, 12 Sep 2025 06:15 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

गौरेला पेंड्रा मरवाही में गौरेला विकासखण्ड के बैगा बाहुल्य गांव साल्हेघोरी में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा आदिवासी समाज के दो लोगों की दो दिनों में उल्टी दस्त से मौत होने के बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।
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दो की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला पेंड्रा मरवाही में गौरेला विकासखण्ड के बैगा बाहुल्य गांव साल्हेघोरी में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा आदिवासी समाज के दो लोगों की दो दिनों में उल्टी दस्त से मौत होने के बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य अमला कैम्प लगाकर अब गांव में पहुचकर डोर टू डोर संक्रमित लोगो की पहचान कर रहा है तो कुछ ग्रामीण तो घरों में ताला लगाकर अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। तो उल्टी दस्त से पीड़ित दो दर्जन से अधिक लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

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राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव साल्हेघोरी में एक माह में दूसरी बार डायरिया से दो बैगा आदिवासियों की मौत हो गई है,,पिछले एक माह में अलग अलग मोहल्ले में 1 आदिवासी सहित 4 बैगा लोगो की मौत हो गई है,,पिछले दो दिनों में एक ही घर के दो लोग पिता पुत्री की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है,,बतला दे कि ठेंगरा पानी मे रहने वाले कलेश बैगा 40 साल और उसकी बेटी मंगली बाई बैगा उम्र 21 साल की अचानक ताबियत बिगड़ी और उल्टी दस्त होने लगा जब पीड़ित के परिजन कलेश को अस्पताल ले जाने को निकले तो गांव में ही कलेश बैगा की मौत हो गई जबकि मंगली बाई बैगा की मौत अस्पताल पहुचने से पहले हो गई, तो दूसरी ओर गांव में कुछ घर तो ऐसे है जहां के रहने वाले लोग घरों में ताला बंद करके अस्पताल में इलाज करवा रहे है। स्वास्थ्य विभाग भी यह मान रहा है कि उल्टी दस्त से गांव के लोगो का इलाज जारी है पर डायरिया से मौत को छुपाते नजर आ रहा है।

बहरहाल एक साथ 2 बैगाओ कि मौत से ग्रामीण काफी डरे सहमे है तो पिछले 1 माह में इसी ग्राम पंचायत में 1 आदिवासी सहित 4 कई मौत पूरे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठा रहा है।।तो ग्रामीणों का कहना है कि गांव में झोलाछाप डॉ आया था पर कलेश और मंगली बाई की हालत देख भाग गया इलाज भी नही किया,,तो अब स्वास्थ्य विभाग गांव में पंचायत भवन में ही केम्प करके संक्रमित लोगो का इलाज के साथ डोर टू डोर ग्रामीणों के घर मे जा जाकर मरीजो की जानकारी जुटाने लगा है।और स्थित को सामान्य बतला रहा है।

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