छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को सुशासन तिहार के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य गांव चूकती पानी पहुंचे। जहां पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने चुक्तिपानी गांव में महुआ पेड़ की छांव में सुशासन की चौपाल लगाई, जहां ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी समीक्षा की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का तेंदू फल और लाल भाजी भेंटकर पारंपरिक स्वागत किया।
चौपाल के दौरान जब ग्रामीणों ने पेयजल संकट की गंभीर समस्या उठाई, तो मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंता नागेस्वर सिंह कवर को मौके पर बुलाकर जल आपूर्ति की जानकारी मांगी। अभियंता द्वारा असंतोषजनक जवाब देने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो सस्पेंड किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा या तो काम करो या फिर सस्पेंड होने को तैयार रहो ये सरकार का काम है कोई मजाक नही गेट आउट जिसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जमकर तालिया बजाई।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की और हितग्राहियों से सीधे फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर लीना कमलेश मंडाबी को निर्देशित किया कि व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में क्या काम हुए हैं, उसका मूल्यांकन करने और जनता से फीडबैक लेने के लिए ही सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में चलाया जा रहा है और इसके तहत प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जिलों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने चूकती पानी गांव में मिडिल स्कूल और बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री के सुशासन त्यौहार के दौरान जिला कलेक्टर नीला कमलेश मांडवी जिला पुलिस अधीक्षक आर भगत सहित जिले के विभिन्न विभाग के प्रमुख भी मौके पर पहुंच गए थे।