मामला थाना गौरेला के दौंजरा गांव का था। जहां 19 अगस्त 2017 की रात्रि में दौंजरा में रहने वाले गोपाल सिंह पेंद्रो की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में सात साल बाद मुख्य आरोपियों समेत दो गिरफ्तार किया है।
शासन के निर्देश पर अनसुलझे मामले में गौरेला पेंड्रा मरवाही (जीपीएम) पुलिस को मिली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 2017 में गौरेला थाना क्षेत्र के दौंजरा गांव में हुए अंधे कत्ल के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित परिवार को सात साल बाद इंसाफ मिला है।
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मामला थाना गौरेला के दौंजरा गांव का था। जहां 19 अगस्त 2017 की रात्रि में दौंजरा में रहने वाला गोपाल सिंह पेंद्रो पिता गुलाब सिंह पेंद्रो अपने 3 वर्षीय बेटे अंश सिंह को लेकर अपने खेत में बनी कुटिया में सो रहा था। किसी अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से हमला कर गोपाल सिंह पेंद्रो की हत्या कर दी थी। मामले में गौरेला पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ़ क्रमांक अपराध कायम कर जांच शुरू की थी। शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुराने अनसुलझे मामलों की जांच हेतु साइबर सेल को निर्देशित किया गया था।
जीपीएम साइबर सेल टीम के द्वारा प्रकरण की नये सिरे से जांच प्रारंभ की गई और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पाया गया कि मृतक का बड़ा भाई भारत सिंह पेंद्रो शराब पीकर अपने घर जाकर परिवार के सदस्यों से हमेशा गाली-गलौच कर उन्हें परेशान करता था। जिसके कारण उसके पिता और छोटा भाई मृतक गोपाल सिंह पेंद्रो उसे मना किया करते थे और घर में ही बांध दिया करते थे। इस वजह से आरोपी भारत सिंह पेंद्रो मन ही मन अपने छोटा भाई से रंजिश रखने लगा था।
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घटना के दिन अपने साथी शोभनाथ श्याम के साथ शराब पीकर अपने खेत में सोए छोटे भाई गोपाल सिंह पेंद्रो के सर पर टंगिया से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी थी। मृतक के साथ घटना के समय उसका तीन साल का बेटा सोया हुआ था। प्रकरण में मृतक का बड़ा भाई भारत सिंह पेंद्रो एवं अपराध में सहयोग करने वाले उसके साथी शोभनाथ श्याम को गिरफ्तार किया गया हैं। फिलहाल पुलिस इस सात साल पुराने प्रकरण में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।