गौरेला पेंड्रा मरवाही (जीपीएम) पुलिस के आरक्षक के द्वारा फांसी लगाकर खुदखुशी करने का मामला सामने आया है। मृतक आरक्षक रतनपुर के पोड़ी गांव का रहना वाला था और वह गौरेला के अंजनी गांव में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ससुराल में ही रहता था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जीपीएम पुलिस में तैनात आरक्षक अनिल तिवारी के द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी किए जाने का मामला सामने आया है। अनिल तिवारी गौरेला में कोर्ट आरक्षक के पद में तैनात था और वह बिलासपुर जिले के रतनपुर पोड़ी गांव का रहने वाला था। वर्तमान में वह अपनी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपनी ससुराल अंजनी गांव में रहकर न्यायालय में ड्यूटी करता था। कल देर रात वह अपने कमरे से बाहर निकला तब घर के सभी सदस्य सो रहे थे। अनिल ने घर से बाहर आकर बाउंड्री के पास स्थित एक पेड़ में फांसी लगा ली। उधर, जब रात में आरक्षक की पत्नी की नींद खुली तो वो पहले घर के अंदर बाथरूम में अपने पति को खोजा, जब वो नजर नहीं आए तो घर के लोगों को जगाया और घर वालों के साथ अनिल की खोज खबर ली।
इसके बाद घर की बाउंड्री के बगल में घरवालों को अनिल का शव फांसी पर लटका मिला। घटना की जानकारी परिजनों के द्वारा गौरेला पुलिस को दी गई, जिस पर गौरेला पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर शव का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। आरक्षक के फांसी लगाने का कारण अज्ञात है। वहीं थाना प्रभारी गौरेला नवीन बोड़कर से बात करने पर उन्होंने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, फिलहाल आत्महत्या करने की वजह अज्ञात है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।